March 13, 2026 10:01 am

एचपीएनएलयू शिमला में दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित।

शिमला। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), सुनाव ने हिमाचल प्रदेश कंचनजंघा अकादमी, हिमाचल प्रदेश में अपना दूसरा महोत्सव आयोजित किया। इस संस्था पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत, संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सलाह दी। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने जीवन से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की, लेकिन कभी भी विश्वास नहीं किया। उन्होंने कहा कि राजनीति और समाज सेवा में उनकी विशेष रुचि है और प्रदेश की जनता का सहयोग और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि जीवन की डिग्री प्राप्त करना बाद में शुरू होता है और अनुभव से ज्ञान प्राप्त करना होता है। उन्होंने कहा कि लोगों में विचारधारा की पढ़ाई से पैदा होने वाली भावना, व्यवसाय के लिए किसी भी क्षेत्र का चुनाव करना है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले दो वर्षों में व्यवस्थागत विषयों के समाधान के साथ-साथ वित्तीय स्थिति में आशातीत सुधार व्यवस्था व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किये हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा भी विधायी सुधारों की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने लगभग 6000 अनाथ बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित किया है। हिमाचल प्रदेश यह कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार का प्रस्ताव दिया गया है और लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल रखी गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बजट सत्र के दौरान, राज्य विधानसभा ने हिमाचल प्रदेश नशा निवारण अधिनियम और समसामयिक अपराध अधिनियम पारित किया, जिससे प्राथमिक औषधियों से संबंधित अपराधों की जांच के लिए सरकार की राय को बल मिला। उन्होंने कहा कि दवा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है, जिससे फार्मासिस्ट प्लास्टिक चेन को नष्ट करने में मदद मिली है। नशे की लत से जुड़े युवाओं की मदद और उनकी मदद के लिए सिरमौर जिले के कोटला बड़ोग में एक साझा केंद्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हुई प्रगति पर भी प्रकाश डाला और कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए सर्वेक्षण से कार्य कर रही है। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश रिजर्व सूर्यकांत ने छात्रों को अपना ध्यान दृष्टिगत दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ने के लिए दिया। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए दृढ़ संकल्प और अति आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों के सामने आने वाली टिप्पणियों के बारे में बात करते हुए कहा कि उनमें आत्म-संदेह, सत्यनिष्ठा और निरंतर विकास जैसे गुणों की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को हर चुनौती का धैर्य और संयम का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून केवल उन लोगों के लिए नहीं है जो इसे कर सकते हैं, बल्कि उन लोगों के लिए है जो इसे कर सकते हैं।समारोह के दौरान, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय करोल और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजीव शकधर को कानून के क्षेत्र में डॉक्टर ऑफ लॉज़ की मानद उपाधि की उपाधि के लिए उनके योगदान की अनुमति दी गई। इस अवसर पर 451 छात्रों को भी डिग्री प्रदान की गई, जिसमें बीएड, एलएलबी पाठ्यक्रम के 114, बीएबी एलएलबी पाठ्यक्रम के 111 और एलएलएम के 211 छात्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 छात्रों को पी.एच.डी. की डिग्री प्रदान की गई। यह अवसर छात्रों को उत्कृष्ट वैज्ञानिक अकादमी का पुरस्कार भी दिया गया। डिप्टी डिग्री के 2021 के ओवरऑल टॉपर सूर्य देव सिंह भंडारी, 2022 के लिए तीसी एनी थॉमस और 2023 के लिए निवेदिता शर्मा को फादर फादर गोल्डन मेडल से सम्मानित किया गया। 2018 बैच की शीनम ठाकुर को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले, जिनमें के.के. लूथरा मेमोरियल गोल्ड मेडल (क्रिमिनल लॉ), श्री तरसेम कुमार गोल्डन मेडल (सर्वश्रेष्ठ महिला टॉपर), श्री श्याम सुंदर गोयल मेमोरियल गोल्ड मेडल (स्नातक टॉपर), संस्थापक कुलाधिपति गोल्डन मेडल (हिमाचल प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में), संस्थापक कुलाधिपति गोल्डन मेडल (सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल टॉपर) और संस्थापक कुलाधिपति फेलोशिप अवार्ड (हिमाचल प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ विधि छात्र के रूप में) जैसे पुरस्कार शामिल हैं। इसके अलावा, सिद्धार्थ शर्मा ने 2018 के लिए कैलिफोर्निया धर्मपाल साद को गोल्डन मेडल (संवैधानिक कानून में उत्कृष्ट प्रदर्शन) प्रदान किया। लिपी आर्यन 2019 के लिए के.के. लूथरा मेमोरियल गोल्ड मेडल (अपराधिक कानून) से सम्मानित किया गया। ऑस्कर शर्मा को 2019 के लिए श्री तारसेम कुमार गोल्डन मेडल, श्री श्याम सुंदर गोयल मेमोरियल गोल्डन मेडल और फाउंडर फादर गोल्डन मेडल प्रदान किया गया। हिया शर्मा को 2019 के लिए संस्थापक कुलाधिपति स्वर्ण पदक और संस्थापक कुलाधिपति फेलोशिप पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि हिया शर्मा को 2019 के लिए राष्ट्रीय धर्मपाल साद स्वर्ण पदक (संवैधानिक कानून में उत्कृष्ट प्रदर्शन) से सम्मानित किया गया। समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश गवर्नर एम.एम. सुंदरेश और अरबपति आर. महादेवन, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वाराणसी जी.एस.एस. संधावलिया, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के फादर प्रो. प्रीति सक्सेना और अन्य आश्रमवासी थे।

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