। हिमाचल उच्च न्यायालय में आज संजौली मस्जिद मामले की सुनवाई हुई। संजौली मस्जिद के आसपास रहने वाले स्थानीय दंत चिकित्सक ने नगर निगम के खिलाफ अवशेषों की सूची कायम रखी थी। जिसे कोर्ट ने सहीरा कर दिया। हाइकोर्ट ने नगर निगम को मामले में छह सप्ताह के लिए शामिल करने का आदेश जारी किया है। इसमें यह भी कहा गया कि इसके बाद अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। 2010 से निगम कमिश्नर कोर्ट में चल रहे मस्जिद मामले की जानकारी देते हुए संजौली लोकल लॉजिक (संजौली लोकेशंस) के वकील जगत पाल ने कहा कि निगम कमिश्नर कोर्ट में चल रहे मस्जिद मामले में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। यदि विध्वंस का पालन नहीं किया गया तो कोर्ट के खिलाड़ियों को माना जाएगा। आठ मई को छह चरणों का समय पूरा होगा। संजौली मस्जिद मामला 16 साल 2010 से कमिश्नर कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने कहा, संजौली मस्जिद मामले में 31 मार्च 2010, 14 दिसंबर 2019 और 5 अक्टूबर 2024 को थ्री बार रिपोर्ट फाइल की गई, जिसमें संजौली मस्जिद को अवैध बताया गया है। मस्जिद का न नक्शा, न मालिक, न मस्जिद का निर्माण समाप्त हो गया है। टू फ्लोर पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा, 20 दिसंबर 2024 तक रायपुर की अदालत में चल रही संजौली मस्जिद के मुकद्दमा को लेकर आदेश दिया गया है और कहा गया है कि संजौली मस्जिद के मुकद्दमा पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। ऊपर की मंजिल को ब्रेक के निगम कमिश्नरी लक्ष्य वर्ष 5 अक्टूबर से पहले ही ऑर्डर जारी कर दिया गया है। कमिश्नर कोर्ट के आदेश पर मस्जिद को तोड़ने का काम सामने आया है। मगर यह काम सचिवालय सचिवालय के साथ चल रहा है












