शिमला। शिमला के भट्टाकुफर में पांच मंजिला भवन गिरने और कई घरों को गिरने का खतरा होने के बाद मौके पर पहुंचे एनएचएआई के इंजीनियर से मारपीट के मामले में पुलिस ने पंचायती राज मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की शिकायत मारपीट में घायल हुए इंजिनियर अचल जिंदल ने पुलिस थाना ढली में दर्ज करवाई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मैनेजर अचल जिंदल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर जिंदल ने शिमला के भट्टाकुफर क्षेत्र में बीते सोमवार को मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।बताया जा रहा है कि वारदात में एनएचएआई के दो इंजीनियर से मारपीट हुई है। मारपीट की वारदात में लोगों ने एक इंजीनियर पर सिर फोड दिया। गुस्साए लोगों की भीड़ की बीच किसी व्यक्ति ने एनएचएआई के इंजीनियर के सिर पर घड़ा दे मारा, इससे एनएचएआई का इंजीनियर बुरी तरह से लहुलूहान हो गया। जिस कमरे में मारपीट हुई वहां फर्श खून से लथ पथ था। वारदात में एनएचएआई के एक अन्य इंजीनियर से भी लोगों ने मारपीट की है।बताया जा रहा है कि भट्टाकुफर में जहां पर पांच मंजिला भवन गिरा उसके साथ घरों में एनएचएआई के इंजीनियर मौके का जायजा लेने पहुंचे थे। इससे पहले पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह और शिमला ग्रामीण के एसडीएम एवं पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान एनएचएआई के इंजीनियर भी मौके पर पहुंचे थे। इसी बीच एनएचएआई के इंजीनियर से कुछ लोगों ने एनएचएआई के इंजीनियरों पर थप्पड़-मुक्के बरसाए। इसी बीच लोगों की भीड़ में किसी व्यक्ति ने एक इंजीनियर के सिर पर घड़ा दे मारा, जिससे इंजीनियर बुरी तरह से लहूलुहान हो गया। अब इस मामले ने घायल इंजिनियर की शिकायत पर पुलिस थाना ढली में पंचायती राज मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।अचल जिंदल ने अपनी शिकायत में कहा, “मंत्री हमें पास के कमरे में ले गए और पानी रखने वाले एक बर्तन से मेरी पिटाई की, जिससे मेरे सिर में चोट लगी। जब योगेश ने बीच-बचाव किया, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। एसडीएम और पुलिस कर्मी की मौजूदगी के बावजूद किसी ने मेरी मदद नहीं की।” शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की है।वहीं, विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने इस घटना को लेकर अनिरुद्ध सिंह की बर्खास्तगी की मांग की और इस हमले को ‘संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन’ करार दिया। इस बीच, शिकायतकर्ता और हाईवे इंजीनियर एसोसिएशन ने केंद्रीय सड़क, राजमार्ग एवं भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।












