April 12, 2026 3:30 pm

मिल्क फेड और एनडीडीबी के बीच तीन समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित।

शिमला,मार्च।हिमाचल प्रदेश सरकार तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौता ज्ञापनों पर प्रदेश सरकार की तरफ से सचिव पशुपालन रितेश चौहान तथा प्रबंध निदेशक दि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ समिति अभिषेक वर्मा ने हस्ताक्षर किए, जबकि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने बोर्ड की ओर से हस्ताक्षर किए। पहला समझौता ज्ञापन कांगड़ा मिल्क यूनियन का गठन एवं संचालन, जबकि दूसरा समझौता जिला सिरमौर के नाहन तथा सोलन जिला के नालागढ़ में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के दो दूध प्रसंस्करण संयंत्रों व जिला हमीरपुर के जलाड़ी और जिला ऊना के झलेड़ा में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के दो दुग्ध अभिशीतन केन्द्रों की स्थापना व तीसरा समझौता ज्ञापन मिल्कफेड में उद्यम संसाधन प्लानिंग सॉफ्टवेयर लागू करने के बारे में है।कांगड़ा ज़िला के ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का स्वचालित आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता भविष्य में तीन लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाई जा सकेगी। समझौते के तहत नई मिल्क यूनियन में कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चम्बा जिलों को शामिल किया गया है जिससे दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।डेयरी क्षेत्र को आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उद्यम संसाधन प्लानिंग सॉफ्टवेयर लागू किया जा रहा है। इससे दूध संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, उत्पादन, भंडारण तथा वितरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का डिजिटल प्रबंधन संभव हो पायेगा। इस पहल से दूध उत्पादक किसानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित होगा तथा उन्हें समय पर और पारदर्शी तरीके से भुगतान किया जा सकेगा। इसके साथ ही उत्पादन प्रबंधन, स्टॉक नियंत्रण और सप्लाई चेन की निगरानी अधिक प्रभावी होगी, जिससे डेयरी संचालन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पहले दिन से ही कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को राज्य सरकार ने प्राथमिकता दी है और यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से राज्य सरकार सीधे किसान के हाथ में पैसा देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनने के बाद ‘हिम’ ब्रांड के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बाजार में उतारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी और किसानों को उनकी मेहनत के बेहतर परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार के पास धन का कोई अभाव नहीं है और राज्य सरकार प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर आने वाले समय में 300 करोड़ रुपये खर्च करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश दूध ख़रीद पर सबसे अधिक समर्थन मूल्य देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गाय और भैंस के दूध के ख़रीद मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध पर 47 रुपये से 61 रुपये प्रति लीटर किया गया है। उन्होंने कहा कि दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत दूध ख़रीद केन्द्र तक स्वयं दूध ले जाने पर प्रति लीटर तीन रुपये का प्रत्यक्ष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। दूध पर मिलने वाली परिवहन सब्सिडी में 1.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का मकसद मात्र दूध का रेट बढ़ाना नहीं है, बल्कि गांव में युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करना है, ताकि गांव की आर्थिकी में सुधार आ सके।’’उन्होंने कहा कि गोपाल योजना के तहत असहाय पशुओं की उचित देखभाल की जा रही है। गौ-सदनों और गौ-अभ्यारण्य में गायों के लिए देखभाल अनुदान को 700 रुपये से बढ़ाकर एक हजार 200 रुपये प्रतिमाह किया गया है।कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने ‘हिम’ ब्रांड को प्रचलित करने पर बल देते हुए कहा कि हमें अपने उत्पादों को वेरका और अमूल की तर्ज पर आगे बढ़ाना होगा, ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अक्तूबर माह तक ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट शुरू हो जाएगा, जिससे कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चम्बा जिला के किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को पशुओं की सेहत में सुधार करने की भी आवश्यकता है और राज्य सरकार उन्हें अच्छी नस्ल के दुधारू पशु खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देसी गाय को भी बढ़ावा दे रही है क्योंकि डेयरी और कृषि क्षेत्र राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शराब बिक्री पर भी राज्य सरकार ने सेस लगाया है, जिसका सबसे बड़ा हिस्सा डेयरी क्षेत्र को दिया गया है तथा इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।  इस अवसर पर मिल्क फेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटीज डी.सी. नेगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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