शिमला,मार्च।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे केवल विज्ञापनों और होर्डिंग्स तक सीमित सरकार करार दिया है। जयराम ठाकुर ने अपनी पिछली भाजपा सरकार और वर्तमान कांग्रेस सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि सुक्खू सरकार चंद योजनाओं का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, जबकि हकीकत में ये योजनाएं पूर्ववर्ती योजनाओं के ही बदले हुए नाम हैं जिनमें फंड को डायवर्ट कर वाहवाही लूटने की कोशिश की जा रही है। जयराम ठाकुर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उनकी सरकार के समय ‘सहारा योजना’ के तहत 22 हजार लाभार्थियों पर लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक, ‘हिम केयर योजना’ में 4.70 लाख लाभार्थियों पर लगभग 500 करोड़ रुपये और ‘गृहिणी सुविधा योजना’ के तहत 4.80 लाख परिवारों को लाभ पहुँचाने हेतु 170 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं ‘वृद्धावस्था पेंशन’ में आयु सीमा घटाकर 7.8 लाख लोगों को जोड़ते हुए 1300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया गया था। इसके विपरीत, सुक्खू सरकार की ‘सुख शिक्षा योजना’ (21,329 लाभार्थी, 22 करोड़ बजट), ‘सुख सम्मान निधि-1500 रुपए’ (35,687 महिला लाभार्थी, 7.42 करोड़ बजट), ‘सुखाश्रय योजना’ (4,131 लाभार्थी, 25.79 करोड़ बजट) और ‘राजीव गांधी स्टार्टअप योजना’ (मात्र 56 लाभार्थी, 4 करोड़ बजट) जैसी योजनाओं का कुल बजट महज 59.21 करोड़ रुपये है और कुल लाभार्थी संख्या भी मात्र 61,203 तक सीमित है, जो भाजपा काल की लाखों लाभार्थियों वाली योजनाओं के मुकाबले नगण्य है।जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जहां उनकी सरकार ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली से 65 लाख लोगों को राहत दी, 35 लाख महिलाओं को बस किराए में छूट दी और 45 लाख लोगों का पानी का बिल माफ किया, वहीं वर्तमान सरकार वात्सल्य योजना (अप्रैल 2022) और मदर टेरेसा मातृ संबल योजना (2016) जैसी पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर जनता के साथ छलावा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनमंच के माध्यम से 52 हजार शिकायतों का समाधान करने वाली व्यवस्था को ठप कर दिया गया है और अब सरकार केवल प्रचार के दम पर सत्ता चलाने का झूठा प्रयास कर रही है, जबकि धरातल पर न तो पर्याप्त बजट है और न ही लाभार्थियों तक वह लाभ पहुँच पा रहा है जिसका दावा किया जा रहा है।













