शिमला,मार्च।हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत 54,928 करोड़ का बजट प्रदेश की आर्थिक बदहाली और सरकार की विफल नीतियों को उजागर करता है।महिलाओं को ₹1500 पेंशन और गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी घोषणाएं केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है, जिससे यह बजट केवल कागजी साबित होता नजर आ रहा है।सबसे गंभीर और चिंताजनक निर्णय मुख्यमंत्री से लेकर ग्रुप-बी कर्मचारियों तक के वेतन को 6 माह तक स्थगित करना है, जो यह दर्शाता है कि सरकार के पास वित्तीय संसाधनों का भारी संकट है।प्रदेश का युवा रोजगार, स्टार्टअप और अवसर की उम्मीद कर रहा था, लेकिन इस बजट में युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।“वेतन रोककर सरकार चला रहे हैं,और युवाओं को भविष्य देने की बात कर रहे हैं!”भारतीय जनता युवा मोर्चा इस युवा विरोधी और दिशाहीन बजट का कड़ा विरोध करता है और प्रदेश के युवाओं के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।












