शिमला,मार्च।सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी की जयंती के उपलक्ष्य पर गेयटी सभागार, शिमला में “युवा प्रेरणा से राष्ट्र उत्थान” विषय पर एक गरिमामयी संगोष्ठी एवं युवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नागेश ठाकुर जी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं युवा संगठनों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात संगोष्ठी के विषय “युवा प्रेरणा से राष्ट्र उत्थान” पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें वक्ताओं ने वर्तमान समय में युवाओं की भूमिका, उनके दायित्वों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन एवं अवसर प्राप्त होते हैं, तो वे न केवल अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।मुख्य अतिथि श्री कविंदर गुप्ता जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में असीम ऊर्जा, नवीन सोच और परिवर्तन की क्षमता है, जिसे सकारात्मक दिशा में प्रवाहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक दायित्व के महत्व पर बल देते हुए युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करते हुए राष्ट्र के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं।विशिष्ट अतिथि प्रो. नागेश ठाकुर जी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल ज्ञान अर्जन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक चेतना को विकसित करने का महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्रवादी दृष्टिकोण के साथ समाज की समस्याओं के समाधान हेतु आगे आना चाहिए तथा संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।इस अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य कर रहे चार युवाओं को सम्मानित किया गया। श्री अर्पण चावला को गौ सेवा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उनके समर्पित योगदान हेतु सम्मानित किया गया। श्री प्रेम लाल जी को खेल क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान तथा अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रशिक्षक के रूप में उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मान प्रदान किया गया। सुश्री प्रवीण वर्मा (Pahadan’s Team) को स्टार्टअप एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके नवाचारपूर्ण एवं प्रेरणादायी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसी प्रकार सुश्री ईशा कटोच (The Car Doctorz) को स्वावलंबन एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रयासों और सफलता के लिए सम्मानित किया गया।सम्मानित किए गए सभी युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे भविष्य में भी समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए समाज के हित में कार्य करें और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों एवं युवाओं ने संगोष्ठी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व एवं व्यक्तिगत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। यह आयोजन न केवल युवाओं के सम्मान का मंच बना, बल्कि उनके लिए एक मार्गदर्शक एवं प्रेरणादायी पहल के रूप में भी उभरा।अंत में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।यह संगोष्ठी इस संदेश के साथ संपन्न हुई कि जब युवा अपनी ऊर्जा, विचार एवं कर्म को राष्ट्रहित में समर्पित करते हैं, तभी सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव होता है।











