शिमला,मार्च।एसएफआई ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र अपनी मूलभूत सुविधाओं को लेकर झुझ रहा है।।एस एफ आई कैंपस सचिवालय सदस्य अखिल ने बात रखते हुए कहा कि आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बने हुए 56 साल हो गए हैं लेकिन आज भी छात्र हॉस्टल की समस्याओं से जूझ रहा है अगर हम बात करें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की तो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 14 हॉस्टल है इसमें से चार बॉयज हॉस्टल और नौ छात्राओं के हॉस्टल है जिसमें अभी भी हमें देखने को मिलता है कि वर्तमान में स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता के कारण छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।। इन हॉस्टलों में लंबे समय से मरम्मत कार्य के अभाव में शौचालय, कमरा संरचना, पाइप लाइन, पेंटिंग आदि की स्थिति अत्यंत खराब है। दूसरा हम देखते हैं कि श्रीखंड वॉइस हॉस्टल के सर्वे हुए काफी लंबा समय हो गया है लेकिन अभी तक उसके नवीनीकरण का कार्य पूरा नहीं हुआ है जिससे बहुत से छात्र अभी भी हॉस्टल की सुविधा से महरूम है।। एस एफ आई मांग करती है कि जल्द से जल्द श्रीखंड बॉयज के नवीनीकरण का कार्य किया जाए।।छात्र मांगों पर विस्तार से बात रखते हुए एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष कॉमरेड अमन ने कहा कि आज जिस तरह से इस प्रदेश के अंदर NEP 2020 को लागू करने का काम किया जा रहा है एस एफ आई इसका पूरी तरह से विरोध करती है क्योंकि इस नई शिक्षा नीति को केंद्र सरकार ने बिना चर्चा परिचर्चा के द्वारा इस देश में थोंपा गया और आज हमें देखने को मिल रहा है कि सिर्फ और सिर्फ इसके जरिए भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा का लगातार भगवाकरण, व्यापारीकरण और निजीकरण किया जा रहा है इसीलिए sfi मांग करती है इसको प्रदेश के अंदर लागू करने से पहले इसके ऊपर संज्ञान लिया जाए।। और साथ ही अगर हम बात करे तो पहले विश्वविद्यालय में 8 बसें हुआ करती थी लेकिन आज हालत इतने खस्ते है कि वो 8 से घटकर तीन ही रह गई है जबकि पिछले साल EC में फैसला लिया गया था कि 2 अतिरिक्त बसें खरीदी जाएगी लेकिन अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है जिससे छात्रों को मजबूरी में प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ता है।। इसलिए एस एफ आई मांग करती है कि नई बसें जल्द से जल्द खरीदी जाए।। एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई उपाध्यक्ष अमन ने आगे बात रखते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 2019 के अंदर गैर शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती की सीटों का विज्ञापन निकाला गया था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा भर्ती के नाम पर 2 बार छात्रों से 4.5 करोड़ इकठ्ठा किया गया लेकिन भर्ती नहीं कराई गई ।। एस एफ आई का मानना है कि ये तमाम हिमाचल प्रदेश के छात्र समुदाय के साथ खिलवाड़ है जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया था ।। एस एफ आई मांग करती है कि जल्द से जल्द विश्वविद्यालय में गैर– शिक्षक कर्मचारी की भर्तियां जल्द से जल्द करवाई जाए।। और इसके साथ साथ हम देखते है कि करोना काल 2019-20 में पूर्व कुलपति सिकन्दर कुमार द्वारा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भर्तियों को करवाया गया था। उसके बाद एसएफआई इन भर्तियों पर लगातार सवाल कर रही है और यह आरोप लगा रही है कि इन भर्तियों में काफी बड़े स्तर पर शैक्षणिक भ्रष्टाचार किया गया है। इन भर्तियों का एक मामला हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के गणित विभाग में सामने आया और हाई कोर्ट तक पहुंचता है उसके बाद हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा इस भर्ती पर फैसला सुनाया जाता है जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दो प्रोफेसर की भर्ती को रद्द करवाया जाता है ऐसे और भी मामले हमें देखने को मिलते है ये इन भर्तियों पर सवाल खड़ा करती है।।एसएफआई इन भर्तियों का लगातार विरोध कर रही है और यह आरोप लगा रही है की इसी तरह विश्वविद्यालय के बाकी विभागो में अयोग्य लोगो को भरने का काम किया गया और एक ही विचारधारा के अयोग्य प्रोफेसर को भरने का काम प्रोफेसर सिकंदर कुमार द्वारा किया। जिसके चलते इस प्रोफेसर भर्ती में योग्य उम्मीदवारों को गलत तरीके से बाहर किया गया।।एसएफआई हिमाचल प्रदेश सरकार से यह मांग कर रही है कि इन भर्तियों की न्यायिक जांच जल्दी से की जानी चाहिए इसके साथ हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के VC से भी मांग करती है इसके ऊपर एक जांच कमेटी बिठाई जाए ।। और साथ ही अगर हम बात करे तो विश्वविद्यालय को जो बजट आता था अब उस बजट के अंदर भी हमे कटौती देखने को मिलती है इस बार भी सिर्फ और सिर्फ 142करोड़ ही मिला है जो कि विश्वविद्यालय की क्षमता से काफी कम है जिससे हमें देखने को मिलता है कि रिसर्च के अंदर काफी गिरावट आई है और आने वाले समय में ये बोझ आम छात्रों के ऊपर भी पड़ने वाला है इसीलिए एस एफ आई ये भी मांग सरकार से करती है कि जिसका हकदार विश्वविद्यालय है वो उसे दिया जाना चाहिए और साथ ही साथ जो जनवादी अधिकार छात्रों के है उसे भी बहाल किया जाना चाहिए।।इन तमाम मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई उपाध्यक्ष ने कहा कि इन तमाम मुद्दों पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आने वाली छात्रों की समस्याओं को हल किया जा सके।। अगर इन मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया तो आने वाले समय के अंदर एस एफ आई विश्वविद्यालय तमाम छात्र समुदाय को लामबंद करते हुए एक उग्र आंदोलन करेगी जिसका जिम्मेवार खुद विश्वविद्यालय प्रशासन होगा ।











