May 30, 2026 9:50 pm

एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा कुलसचिव को ज्ञापन के माध्यम से दिए फीस वृद्धि का विकल्प।

शिमला,मई। एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा 28 मार्च 2026 को ई सी की बैठक में हुए फीस वृद्धि के निर्णय का साफ तौर पर विरोध करती है । एसएफआई का यह मानना है कि यह निर्णय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा छात्र विरोधी फैसला लिया गया है एस एफ आई का साफ तौर पर मानना है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय संसाधनों का दुरुपयोग कर रही है ।एसएफआई ने ज्ञापन के माध्यम कुलसचिव के समक्ष यूजीसी विनियमों के उल्लंघन में प्रोफेसर (आईवीएस) के पद पर कथित अवैध नियुक्ति और आईआईएचएस/डीआईएस में शिक्षण सेवा के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए। एस एफ आई का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अवैध तरीके से प्रोफेसर की नियुक्ति को जा रही है जिसमें संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है इसके अलावा अवैध तरीके से प्रोफेसर की पदोन्नति की जा रही है जिसमें बहुत अधिक पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है ।एस एफ आई ने कहा कि ई आर पी सिस्टम पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन सालाना 18-20 करोड़ खर्च करता है जो विश्वविद्यालय के संसाधनों का दुरुपयोग है। इसमें विश्वविद्यालय को खर्चा कम करने की जरूरत है।एस एफ आई साफ तौर पर यह मांग कर रही है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जो अपने आर्थिक कुप्रबंधन के चलते जो फिजूल खर्ची प्रशासन द्वारा अलग-अलग विभागों और अलग-अलग प्रकार से की जा रही है उसे तुरंत प्रभाव से रोका जाए और जो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के द्वारा अवैध तरीके से प्रोफेसर की नियुक्ति की गई है तथा कुछ एक प्रोफेसर को अवैध तरीके से पदोन्नति की गई है इस पर जल एक कमेटी गठित की जाए और जो अवैध तरीके से इन प्रोफेसर को लाभ पहुंचाया गया है उसे वह पैसा वापस वसूल किया जाए तथा जो इन सबके चलते छात्रों के ऊपर आर्थिक भोज डालने का काम इस पीस वृद्धि के चलते विश्व डाल प्रशासन द्वारा किया जा रहा है उसे फीस विधि को जल्द से जल्द वापस लिया जाए अन्यथा आने वाले समय के अंदर एसएफआई छात्रों को लामबंद करते हुए प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी ।

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!