शिमला,मार्च।अनुसूचित जनजाति मोर्चा, हिमाचल प्रदेश द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक निर्णय का हृदय से स्वागत एवं आभार व्यक्त किया जाता है।मोर्चा का मानना है कि यह निर्णय सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्णय के अनुसार, यदि अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) वर्ग के व्यक्ति धर्म परिवर्तन करते हैं, तो उन्हें संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण एवं अन्य विशेष सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।यह निर्णय जनजातीय समाज के हितों की रक्षा करने वाला है, जिससे समाज को मजबूती मिलेगी और आरक्षण जैसी व्यवस्थाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मिलने वाली सुरक्षा का लाभ भी ऐसे मामलों में लागू नहीं होगा।अनुसूचित जनजाति मोर्चा इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए माननीय न्यायपालिका का पुनः धन्यवाद करता है और आशा करता है कि यह फैसला समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ करेगा।












