शिमला,मार्च।मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसी अस्थिर परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों पर आयात शुल्क घटाने का निर्णय सराहनीय और दूरदर्शी है। डीजल और पेट्रोल में दस की कमी से आम जनता को महंगाई से राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी। इसके विपरीत हिमाचल सरकार द्वारा डीजल पर सेस लगाकर कीमतें बढ़ाने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण और जनविरोधी कदम है। यह निर्णय सीधे तौर पर किसानों, परिवहन क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालता है। प्रदेश सरकार को तुरंत यह फैसला वापस लेकर जनता को राहत प्रदान करनी चाहिए।











