शिमला,जून।ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों के बीच शिमला पुलिस ने अपने उत्कृष्ट, समर्पित एवं अथक प्रयासों से यातायात प्रबंधन का एक नया मानक स्थापित किया है। सीमित भौगोलिक क्षमता एवं अत्यधिक वाहन दबाव के बावजूद शिमला शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है, जिसे शिमला पुलिस के ट्रैफिक विंग, जिला पुलिस बल, होमगार्ड जवानों एवं स्वयंसेवकों ने अत्यंत कुशलता एवं पेशेवर तरीके से सफलतापूर्वक निभाया है।मई एवं जून 2026 के दौरान अब तक जिला शिमला के विभिन्न प्रवेश मार्गों से 16 लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। इनमें मई माह में लगभग 8.5 लाख तथा जून माह में अब तक लगभग 7.5 लाख वाहनों का आवागमन रिकॉर्ड किया गया है। यह आंकड़ा प्रदेश के किसी भी पर्यटन केंद्र पर यातायात के अत्यधिक दबाव को दर्शाता है।इतने भारी यातायात दबाव के बावजूद शिमला पुलिस द्वारा अपनाई गई पांच सूत्रीय रणनीति अत्यंत सफल सिद्ध हुई है। पर्यटन सीजन को देखते हुए यातायात ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं होमगार्ड कर्मियों की संख्या 136 से बढ़ाकर 220 की गई है। इसके अतिरिक्त लगभग 50 सिविल वालंटियर्स एवं छात्र स्वयंसेवक भी यातायात प्रबंधन में सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जबकि ट्रैफिक राइडर्स की संख्या 7 से बढ़ाकर 32 की गई है जो ट्रैफिक बाइक राइडर्स विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं तत्काल यातायात बहाली सुनिश्चित कर रहे हैं।बेहतर निगरानी एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरे शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक ग्रेड वन अधिकारी को सौंपी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से फील्ड में जाकर यातायात व्यवस्था की निगरानी की जा रही है तथा प्रत्येक चुनौती का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।विशेष रूप से भारी वाहनों के खराब होने अथवा यातायात अवरोध की स्थिति में विभिन्न स्थानों पर तैनात तीन क्रेन, ट्रैफिक बाइक राइडर्स तथा सेक्टर अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई कर यातायात को शीघ्र सामान्य बनाया जा रहा है। यही कारण है कि भारी दबाव के बावजूद लंबे समय तक यातायात बाधित होने की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।शहर के भीतर यातायात दबाव कम करने हेतु कुफरी, मशोबरा, नारकंडा, हाटू तथा अपर शिमला और किन्नौर के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन लगभग 800 वाहनों को इस वैकल्पिक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे शिमला शहर के भीतर यातायात का दबाव काफी हद तक कम हुआ है।इसी प्रकार से ऊपर शिमला की तरफ से चंडीगढ़ दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को ढली बाइफरकेशन से डायवर्ट किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त पार्किंग प्रबंधन को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रमुख पार्किंग स्थलों पर समन्वित व्यवस्था के माध्यम से वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है। सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों के जरिए यात्रियों को नियमित रूप से ट्रैफिक अपडेट, वैकल्पिक मार्गों तथा पार्किंग सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है।निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से ट्रैवलर, अर्बेनिया,स्कैनिया एवं अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों को कार्ट रोड और मुख्य टूरिस्ट स्पॉट्स पर संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। वहीं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंटरसेप्टर वाहन भी लगातार कार्यरत हैं।शिमला पुलिस के ट्रैफिक विंग, जिला पुलिस बल, होमगार्ड जवानों, स्वयंसेवकों तथा सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा दिन-रात किए जा रहे समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप पर्यटन सीजन के चरम समय में भी शिमला की यातायात व्यवस्था सुचारु एवं नियंत्रित बनी हुई है। राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मीडिया संस्थानों एवं पर्यटकों द्वारा भी शिमला में इस वर्ष के यातायात प्रबंधन की सराहना की गई है।जिला पुलिस शिमला सभी पर्यटकों का हार्दिक स्वागत करती है तथा नागरिकों एवं पर्यटकों से मिल रहे सहयोग के लिए आभार प्रकट करती है और साथ ही पुनः अपील करती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें तथा वैकल्पिक मार्गों को अपनाकर शिमला को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं पर्यटक-अनुकूल बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।











