शिमला,जून।कोटगढ़ गोलीकांड (22 जुलाई 1990) में शहीद हुए लोगों के परिजनों ने एक बार फिर सरकार के समक्ष पुनर्वास, रोजगार और सम्मान की मांग उठाई है। इस संबंध में सोमवार को शहीद परिवारों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त शिमला के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में कहा गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत 2 फरवरी 2026 को प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 1990 के कोटगढ़ गोलीकांड में शहीद हुए परिवारों के लिए सरकार की ओर से आज तक किसी प्रकार की घोषणा, पुनर्वास, आर्थिक सहायता या रोजगार की व्यवस्था नहीं की गई। परिजनों ने इसे शहीद परिवारों के सम्मान के साथ अन्याय बताया है।परिजनों का कहना है कि तीन दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि शहीद परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस नीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि परिवारों को सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाए तथा योग्य सदस्यों को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।शहीद परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे 22 जुलाई को आयोजित होने वाले किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि हर वर्ष शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि तो दी जाती है, लेकिन परिवारों की समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हो पाया।ज्ञापन सौंपने वालों में सीता देवी, नीतू मेहता और सुरेश सिंह ठाकुर सहित अन्य शहीद परिवारों के सदस्य शामिल रहे।











