July 15, 2026 7:54 pm

सरकार ने पेश किया बजट हर वर्ग को किया खुश ।

शिमला।  हिमाचल।हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बतौर वित्त मंत्री सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सुक्खू ने अपने तीसरे वार्षिक बजट में जहां ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस किया, वहीं कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों को भी लुभाने का प्रयास किया है।

दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन। 

मुख्यमंत्री ने 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की घोषणा की है। 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक यह पेंशन सभी पात्र दिव्यांगजनों को मिलेगी। पेंशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगी, जिससे लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

विधवाओं की बेटियों को मिलेगी शिक्षा में मदद

मुख्यमंत्री ने बजट में कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ के तहत 18 से 59 साल की पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह प्रदान किया जाता है। चरणबद्ध तरीके से इस योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा।उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 21 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली हर पात्र बेटी को 1500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 1 जून 2025 से उन महिलाओं को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा, जो दूसरों के घरों में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। उनकी पात्र बेटियों को भी 1500 रुपये प्रति माह की सहायता मिलेगी।इसके अलावा विधवा महिलाओं की बेटियों के लिए भी बजट में विशेष योजना लाई गई है। यदि वे प्रोफेशनल कोर्स करना चाहती हैं, तो सरकार उनकी फीस वहन करेगी। यदि वे पीजी की पढ़ाई के दौरान हॉस्टल में रहना चाहती हैं, तो उन्हें 3000 रुपये प्रतिमाह पीजी में रहने की एवज में दिया जाएगा

सड़क निर्माण और डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा

सरकार ने मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत 100 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। साथ ही राजस्व विभाग का चरणबद्ध डिजिटाइजेशन किया जाएगा, जिससे राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा ऑनलाइन किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया के तहत नागरिकों को भूमि और अन्य राजस्व रिकॉर्ड देखने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डिजिटल मैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग अपने क्षेत्र का नक्शा आसानी से देख सकें।

सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य

सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए 2025-26 के शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इससे न केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि अनुपस्थित शिक्षकों और छात्रों की जानकारी भी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।इसके अलावा सुजानपुर के सैनिक स्कूल के हॉस्टल की मरम्मत के लिए 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

ई-वाहनों को बढ़ावा, 3000 डीजल-पेट्रोल वाहनों को बदला जाएगा

पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने 3000 डीजल-पेट्रोल वाहनों को ई-व्हीकल में तब्दील करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा अपनाने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।इसके साथ ही सरकार 1000 नए बस रूटों के परमिट जारी करेगी, जिससे राज्य में परिवहन व्यवस्था और बेहतर होगी। सभी विधायक अपने क्षेत्रों के लिए बस रूट की मांग रख सकते हैं।मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि हमीरपुर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में 2025 से ई-वाहनों की शुरुआत की जाएगी, जिससे सरकारी कार्यों में ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कदम, एसटीएफ गठित 

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में घोषणा की है कि प्रदेश में नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार विधानसभा में ‘एंटी ड्रग बिल’ लाएगी, जिससे नशे के कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई की जा सके।मुख्यमंत्री ने बजट में राजगढ़ और कंडाघाट में नए अग्निशमन केंद्र खोलने की घोषणा की है। साथ ही पुराने और अनुपयोगी दमकल वाहनों को स्क्रैप में डालने का निर्णय लिया गया है, जिससे अग्निशमन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि में वृद्धि। 

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत अनुदान राशि को 50,000 से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है।

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