October 22, 2026 9:32 am

ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता, गांव में खोले जा रहे हैं सीबीएसई स्कूलः मुख्यमंत्री

शिमला,सितम्बर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज दैनिक समाचार पत्र हिमाचल दस्तक के ‘नारी तू नारायणी’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में गांवों में सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि की गई है। वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा गाय का दूध 61 रुपये और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में करीब 200 करोड़ रुपये प्रदान करने जा रही है।श्री सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार में डेढ़ लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट इस वर्ष अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से उगाई जाने वाली गेहूं, मक्की और हल्दी जैसी फसलों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर स्तर पर नीतिगत बदलाव किए जा रहे हैं और स्वास्थ्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश, देश में 21वें स्थान पर था, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 150 सीबीएसई स्कूल खोले हैं और 30 सितंबर, 2026 तक इन स्कूलों में सभी अध्यापकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। अध्यापकों का चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। इन स्कूलों में भी मौजूदा फीस संरचना के अनुसार ही फीस ली जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेज रही है, ताकि वे दुनिया में हो रहे बेहतर कार्यों और आधुनिक व्यवस्थाओं को करीब से देख सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पहला साइंस कॉलेज करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा हमीरपुर जिले में एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज भी खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार मेडिकल छात्रों के लिए भी विदेशों में एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में डायग्नोस्टिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न विभागों को सुदृढ़ किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ रही है और बीबीएमबी से हिमाचल को मिलने वाले एरियर के मामले में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 तक हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे को रोकने के लिए प्रदेश में पीआईटी-एनडीपीएस कानून लागू किया गया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है और उनकी संपत्तियां भी जब्त की गई हैं, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो सके। उन्होंने कहा कि चिट्टे के खिलाफ अभियान का दूसरा चरण 16 सितंबर से ऊना जिले से शुरू किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने हिमाचल दस्तक को ‘नारी तू नारायणी’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान, हिमाचल प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी, हिमकॉन के अध्यक्ष विकेश चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, हिमाचल दस्तक के चेयरमैन के.डी. श्रीधर, सम्पादक हेमंत कुमार, राज्य प्रमुख मस्तराम डलैल तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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