शिमला हिमाचल में करुणामूलक आधार पर नौकरी का इंतजार कर रहे लोगों को राहत की खबर है। प्रदेश सरकार एक माह में करुणामूलक रोजगार नीति जारी करेगी। समीक्षित लेकर मुख्यमंत्री सुख अयामी सिंह सुक्खू ने आज विधानसभा में बजट अनुमानों पर उत्तर के दौरान चर्चा की घोषणा की।
करुणामूलक रोजगार नीति वाली सरकार।
प्रदेश में जिन परिवारों के सदस्यों को करुणामूलक आधार पर वोट मिलने का इंतजार है, उनकी संख्या करीब 3,260 है। ऐसे में इन परिवार वालों की नौकरी का इंतजार जल्दी ही खत्म होने वाला है। प्रदेश सरकार ने करुणामूलक नियुक्तियों के मामलों के गहन अध्ययन के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में मंडलीय उप-समिति का भी गठन किया है, जिसमें तकनीकी शिक्षा मंत्री राज धर्माणी और आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा को इस उप-समिति का सदस्य बनाया गया है।
आउटसोर्सर्स की नीति में होंगे बदलाव।
विधानसभा से आउटसोर्स के लिए भी अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार अब आउटसोर्स की नीति में भी बदलाव करने जा रही है। इस घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट अनुमान की चर्चा की। ताकि प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण ना हो सके। प्रदेश में वर्तमान में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या करीब 40 हजार है। विधानसभा में बजट अनुमानों पर चर्चा के उत्तर देते वक्ता सीएम ने बिजली बोर्ड के हजारों कर्मचारियों को भी ओपीएस को लाभ देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वित्तीय स्थिति में सुधार लाया जा रहा है। जिसके बाद कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि बिजली बोर्ड में सिविल इंजीनियर और अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, सीएम सुक्खू ने बिश्नामे की ऐच्छिक निधि को 14 लाख से बढ़ाकर 15 लाख कर दिया है। बजट अनुमान पर चर्चा में श्री नैना देवी के स्मारक रणधीर शर्मा ने कहा कि ऐच्छिक निधि को मजबूत करने की मांग की गई थी। इसी तरह की विधानसभा में मुख्यमंत्री ने रेणुका जी के लिए पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए बजट परियोजना भी जारी की है।












