शिमला। हिमाचल प्रदेश में अगले वित्त वर्ष में 500 इलेक्ट्रिक लोयजोआ मंटू। यह घोषित मुख्यमंत्री सुख अयामी सिंह सुक्खू ने अपना बजट भाषण दिया है। इससे पहले सरकार 327 खरीद को लेकर प्रक्रिया शुरू कर रही है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने बजट में कहा कि सड़क यातायात प्रदेश में यातायात का मुख्य साधन है। यूपी में भी बस सेवा उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है। लोगों को क्लीन एवं ग्रीन इंटरनैशनल इंटरप्राइजेज की ओर से पेट्रोलियम उत्पादों को ई-बसों में बदलने की प्रक्रिया जारी की जाती है। 2025-26 में 500 और ई-बसों की खरीद की अतिरिक्त प्रक्रिया। साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के लिए रिजर्वेशन ई-स्टेशन विकसित करने की सलाह दी गई है और विभिन्न स्थानों पर बनाने की प्रक्रिया जारी की गई है।
गाजे-बाजे की ऑनलाइन पासिंग
परिवहन निगम द्वारा ऑनलाइन पास की सुविधा शुरू कर दी गई है और प्रदेश के अन्य स्थानों पर सॉफ्टवेयर तैयार करना जल्द ही शुरू किया जाएगा। भविष्य में सभी स्थानों पर ऑनलाइन पास देखें।
भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे ट्रैक का काम जोरों पर
प्रदेश में भानुपुल-बिलासपुर और बद्दी-चंडीगढ़ रेल गाड़ियों का काम जोरों पर है। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन की कुल लागत दस हजार करोड़ रुपये है, जिसमें भू-अधिग्रहण की लागत 1200 करोड़ से अधिक है। केंद्र द्वारा केवल 52 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी रखी गई। प्रदेश सरकार द्वारा रेल परियोजना पर अब तक कुल 848 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। 30.28 किलोमीटर लंबी चंडीगढ़-बड्डी रेल लाइन की भूमि का निर्माण और निर्माण की कुल लागत 50 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश द्वारा वहन की जा रही है। इसकी लागत 1600 करोड़ रुपये है, जिसमें भू-अधिग्रहीत की लागत 600 करोड़ रुपये से अधिक है।
इलेक्ट्रिकल व्यवसाय पर 40% छूट
– बस और टैम्पो स्टोर्स की खरीद पर 30 से 40 फीसदी की छूट
– तीन हजार टैक्सियों को इलेक्ट्रिक में बदलाव करने की घोषणा
– राजीव गांधी स्टेट स्टेट इंश्योरेंस योजना के तहत यात्रियों को राहत













