। विधानसभा को दिखाते हुए बीजेपी के नेता रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री को 17 तारीख से बहुत प्यार है क्योंकि हर साल 17 तारीख को ही बजट आता है और साथ ही मुख्यमंत्री को ऑटो से भी बहुत प्यार है. जनता को उनके बताए गए नाटक से प्यार नहीं है, जनता को पार्टी का परिणाम दिखता है और अगर परिणाम ठीक नहीं है तो घर पर ही रहता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल भी वैगन आर जैसी गाड़ी में आए थे और बजट पेश करते थे, आज उनकी पार्टी और जनता ने घर में रखा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी सफलता यह है कि उन्होंने बजट में केवल 70 करोड़ की वृद्धि हासिल की। मुख्यमंत्री केवल ऑटोमोबाइल्सेशन और डीआरजी करना पर हम उनकी स्पष्ट व्याख्या करना चाहते हैं कि 2022 में ही मुख्यमंत्री स्टूडियो बंद हो गया था और मुख्यमंत्री को स्वयं ही पता चल गया है। पिछले बजट में 5000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी और साथ ही राजस्व प्राप्ति में 4000 करोड़ की बढ़ोतरी हुई थी। इस साल राजस्व प्राप्ति में केवल 190 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। रणधीर शर्मा ने कहा कि हम मुख्यमंत्री से पूछना चाहते हैं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और साथ ही उन्होंने उत्तर देते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है, अगर कोई जिम्मेदारी नहीं है तो वह केवल सरकार का वित्तीय प्रबंधन और घटक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एक्साइज टैक्स पर लगातार काम हो रहा है और यह बहुत बड़ा कारण है कि हिमाचल प्रदेश में शराब की दुकानें हैं। हिमाचल प्रदेश में शराब की दुकानों से बहुत ज्यादा घाटियां हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहा है, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के उद्घाटन में किसी भी प्रकार के उद्योग नहीं आ रहे हैं और हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि उद्योग आता है तो उस प्रदेश का राजस्व आधा हो गया है। हिमाचल प्रदेश से उद्योग कारण तो पलायन कर रहे हैं यही है कि हिमाचल प्रदेश में आज वित्तीय संकट चरम पर है। शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में तेजी से गिरावट आ रही है, जिसके कारण हिमाचल प्रदेश पर कर्ज नहीं ले पा रहा है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश पर सकल घरेलू उत्पाद का केवल 3% ही कर्ज ले सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में विशेष सहायता अनुदान में 1100 करोड़ की वृद्धि हुई है।













