शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौड़ा मैदान में हिमाचल प्रदेश किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल से बात की। इस अवसर पर किसान सभा की ओर से पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों और बागबानों का कल्याण सुनिश्चित करना वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता है और उन्हें किसी भी सूरत में उजडऩे नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन को बचाने के लिए बजट में एग्रीकल्चर लोन इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत किसानों की जमीन को नीलाम होने से बचाया जाएगा।इस योजना के तहत तीन लाख रुपए कृषि लोन चुकाने के लिए बैंकों के माध्यम से राज्य सरकार वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाएगी, जिसके तहत मूलधन पर लगने वाले ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी और इस योजना पर 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह किसानों की समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं और उनका समाधान करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी उपस्थित थे।इससे पहले प्रदेशभर से आए किसान-बागबानों ने विधानसभा मार्च भी निकाला और भूमि नियमितिकरण और अन्य मांगों को लेकर प्रदेशभर से आए किसानों और बागबानों ने चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में जुटे किसान और बागबान मांगों की तख्तियां और बैनर लेकर जुलूस की शक्ल में पंचायत भवन से अंबेडकर चौक पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान नेता और शिमला से पूर्व विधायक राकेश सिंघा और किसान सभा के राज्याध्यक्ष डा. कुलदीप सिंह तंवर, किसान सभा के पूर्व महासचिव डा. ओंकार शाद सहित मंडी से कुशाल भारद्वाज, कुल्लू से नारायण चौहान, पूर्ण ठाकुर, रामपुर से देवकी नंद, कांगड़ा से सतपाल, सिरमौर से राजेंद्र ठाकुर ने रैली को संबोधित किया। किसान नेता 28 अप्रैल को उपमंडल, खंड, तहसील स्तर पर किसान प्रदर्शन करेंगे।












