शिमला।एचआरटीसी बसों में महिलाओं को 50 फीसदी की छूट खत्म किए जाने की मांग एक बार फिर से उठी है। लगातार प्रदेश के प्राइवेट बस ऑपरेटर यह डिमांड उठा रहे हैं, जिन्होंने एक बार फिर यह मांग उठाई है। हालांकि इससे पहले उन्होंने सरकार से बस किराए में बढ़ोतरी की मांग की थी जिसके बाद अब वह चाहते हैं कि महिलाओं को सरकारी बसों में दी जा रही 50 फीसदी की छूट को खत्म किया जाए। निजी बस ऑपरेटर संघ ने इस बाबत एक बार फिर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर महिलाओं को मिलने वाली इस छूट को खत्म करने की मांग उठाई है। निजी बस ऑपरेटर संघ के महासचिव रमेश कमल ने कहा कि इस छूट के चलते निजी बस ऑपरेटरों को ही नहीं बल्कि एचआरटीसी को भी अधिक घाटा उठाना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने वोट बैंक बढ़ाने के लिए एचआरटीसी की बसों में महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट देने का फैसला लिया था। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता से बाहर हो गई और कांग्रेस सरकार सत्ता में आई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद पूर्व भाजपा सरकार के अंतिम नौ महीने में लिए गए फैसलों को डी-नोटिफाई कर दिया गया, जबकि एचआरटीसी में महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट वाला फैसला भी अंतिम नौ महीने के कार्यकाल में लिया गया था। अभी भी सरकार ने एचआरटीसी में महिलाओं को 50 फीसदी छूट देने का मामला यथावत जारी रखा है और दूसरे आदेशों को रद्द कर दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि 50 फीसदी छूट के बारे में पुनर्विचार किया जाए।












