शिमला,अप्रैल।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने जारी बयान में जारी करते हुए कहां कि पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय की 112 हेक्टेयर भूमि को टूरिज्म विलेज के नाम पर अधिग्रहित करने के प्रयास के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रारंभ से चलाया गया आंदोलन आज सफल सिद्ध हुआ है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदेश सरकार के निर्णय पर रोक लगाए जाने का विद्यार्थी परिषद स्वागत करती है। यह निर्णय न केवल एक शिक्षण संस्थान की भूमि की रक्षा है, बल्कि कृषि अनुसंधान, वैज्ञानिक प्रयोगों और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा का भी प्रतीक है।प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि उक्त भूमि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां कृषि के क्षेत्र में निरंतर नए-नए प्रयोग एवं अनुसंधान किए जाते हैं। यदि इस भूमि का अधिग्रहण होता, तो प्रदेश में कृषि विकास की गति प्रभावित होती और छात्रों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ता। यह भूमि प्रदेश की कृषि उन्नति और नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने प्रारंभ से ही इस निर्णय का विरोध किया और धरना-प्रदर्शन, जनजागरण, मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। यह संघर्ष विद्यार्थियों के अधिकारों और शिक्षा की रक्षा के लिए था। परिषद का यह स्पष्ट मत रहा है कि शिक्षा एवं अनुसंधान से जुड़ी भूमि का किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं होना चाहिए।विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से पुनः आग्रह करती है कि टूरिज्म विलेज के लिए किसी अन्य उपयुक्त एवं अनुपयोगी भूमि का चयन किया जाए, ताकि शिक्षा और पर्यटन—दोनों क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। अभाविप भविष्य में भी छात्र हितों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध रहेगी।










