कांगड़ा।हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और आर्थिकी की तकदीर बदलने वाली कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। रनवे के विस्तार में प्राकृतिक बाधा बन रही मांझी खड्ड पर अब 380 मीटर लंबा आधुनिक पुल बनाया जाएगा। विभाग ने इस इंजीनियरिंग मास्टरपीस की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दी है। पुल और रनवे को मानसून के प्रकोप से बचाने के लिए विभाग ने एक सुरक्षा कवच तैयार किया है। इसके तहत 23 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले कैचमेंट एरिया के सभी छोटे-बड़े नालों को वैज्ञानिक तरीके से चैनलाइज किया जाएगा।योजना के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पानी का बहाव तेज रहता है, वहां चेक डैम्स बनाए जाएंगे, जिससे पानी के वेग को नियंत्रित कर रनवे को सुरक्षित रखा जा सके। विस्तारीकरण के साथ-साथ स्थानीय यातायात का भी विशेष ख्याल रखा गया है। मुख्य रनवे पुल के दोनों तरफ दो अतिरिक्त पुल बनाने का प्रस्ताव है, जो सर्विस लेन के रूप में काम करेंगे। इससे एयरपोर्ट के ऑपरेशन्स के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों की आवाजाही भी बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलती रहेगी।परियोजना का काम पूरा होते ही कांगड़ा घाटी में बड़े विमानों (ए-320 जैसे जेट्स) की लैंडिंग का रास्ता साफ हो जाएगा। इस विस्तार से न केवल कांगड़ा, बल्कि पूरे प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में क्रांति आएगी। व्यापार और रोजगार के नए अवसरों के साथ कांगड़ा एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे बड़ा एयर-हब बनकर उभरेगा। वर्तमान में प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। मात्र दो मुहालों का काम बाकी बचा है। अवार्ड बना दिए गए हैं। धनराशि आते ही पेमेंट देने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अन्य कार्यों की भी तकनीकी क्लीयरेंस मिलते ही निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।











