July 24, 2026 12:13 am

पांगी के लोगों ने मुख्यमंत्री के साहसिक निर्णयों की सराहना की।

शिमला।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साहसिक और प्रभावी निर्णयों की गूंज अब पांगी जैसे दुगर्म क्षेत्रों में भी सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री के पांगी दौरे से क्षेत्र के लोगों में उत्साह है और क्षेत्रवासी उनकी निर्णायक कार्यशैली तथा जन कल्याणकारी नीतियों की तहेदिल से सराहना कर रहे हैं। धरवास पंचायत समिति के पूर्व सदस्य वीर सिंह राणा ने कहा कि इससे पहले प्रदेश के संसाधनों की किसी ने परवाह नहीं की थी, लेकिन अब जिला चम्बा की बैरा स्यूल और डुग्गर जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार ने जिस पकार कड़े कदम उठाए हैं, वह न केवल चम्बा बल्कि पूरे प्रदेश के हित में हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू एक दूरदर्शी नेता हैं जो परम्परागत सोच से हटकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में मंत्रिमण्डल की बैठक में मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं को राज्य सरकार के नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया है। इनमेंएसजेवीएन के नियंत्रण वाली 382 मेगावाट की सुन्नी और 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-1 और 66 मेगावाट की धौलसिद्ध परियोजनाएं तथा एनएचपीसी के नियंत्रण वाली 500 मेगावाट की डुग्गर व 180 मेगावाट की बैरा स्यूल परियोजनाएं शामिल हैं। ग्राम पंचायत धरवास के पूर्व प्रधान राज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री लोगों की अपेक्षाओं से कहीं अधिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सीमा सड़क संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण चम्बा-बैरागड़-साच दर्रा-किल्लाड़ मार्ग को सीमा सड़क संगठन के अधीन लेने का आग्रह किया है। सीमा सड़क संगठन के अधीन आने से पांगी क्षेत्र के लोगों सहित प्रदेशवासियों को लाभ होगा। यह मांग उठाकर मुख्यमंत्री ने जो पहल की है वह उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाती है तथा यह भी स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री इस क्षेत्र तथा क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील और मुखर हैं। यह मार्ग भारत-पाकिस्तान सीमा और वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट स्थित है। मनाली-लेह और रोहतांग मांर्गांे के बन्द होने की स्थिति में यह वैकल्पिक मार्ग के रूप में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान में साच दर्रा वाहनों के लिए वर्षभर में केवल 4 से 5 महीनों के लिए ही खुला रहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन से 13 किलोमीटर लम्बी तीसा टनल को अपने अधीन लेने का आग्रह किया है। इससे चम्बा-किलाड़ की दूरी 88 किलोमीटर कम हो जाएगी और यह मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए वर्षभर खुला रहेगा।स्थानीय निवासी रोशन लाल ने मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व को सराहते हुए कहा कि ऐसे लोग बिरले ही होते हैं जो निःस्वार्थ भावना से जनकल्याण के लिए जीवन समर्पित करते हैं और ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी इनमें से एक हैं।

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