July 31, 2026 5:16 pm

मुख्यमंत्री ने किन्नौर जिला के शिपकी-ला में सीमा पर्यटन गतिविधियों का शुभारंभ किया।

शिमला।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज किन्नौर जिला के सीमावर्ती क्षेत्र शिपकी-ला में सीमा पर्यटन गतिविधियों का शुभारम्भ किया।इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर्यटन गतिविधियों के आरम्भ होने से पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आर्थिकी भी सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने रक्षा मंत्रालय से सीमावर्ती क्षेत्र लेपचा, शिपकी-ला, गिऊ और रानी कंडा में पर्यटन गतिविधियों को अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया था। स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत सीमा पर्यटन गतिविधियों का शुभारम्भ किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कैलाश मानसरोवर यात्रा शिपकी-ला के रास्ते से शुरू करने का मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं प्रधानमंत्री से भेंट कर यह विषय उनके सामने प्रस्तुत करेंगे। शिपकी-ला से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सबसे सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से भारत चीन व्यापार शिपकी-ला के माध्यम से बंद है। इस दर्रे के माध्यम से व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की असीम संभावनाएं हैं। इसे पुनः आरम्भ करने का मामला भी केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केन्द्र से हिमाचल स्काउट बटालियन की स्थापना का आग्रह किया है, जिसमें राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए विशेष कोटा होगा।सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हवाई अड्डा स्थापित करने का मामला भी केन्द्र के समक्ष उठाया जाएगा । राज्य सरकार केन्द्र सरकार से सैन्य और अर्ध सैनिक बलों की इनर लाइन चेक पोस्ट को समाप्त करने का आग्रह करेगी, जिससे वर्तमान में पर्यटकों के लिए परमिट संबंधी बाधा उत्पन्न होती है।यात्रा को सरल और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके तहत भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों के साथ सहयोग पर बल दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि इन कदमों से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति जिला से किन्नौर को जोड़ने वाली वांगतू-अटरगू-मुद-भावा दर्रा मार्ग को राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से मंजूरी मिली है। जिससे इसके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस सड़क के बनने से शिमला और काजा के बीच दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती सड़कों का केवल सामरिक महत्त्व नहीं है, बल्कि इनका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सम्पर्क सुविधा बढ़ाकर लोगों को लाभ प्रदान करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने की कार्य योजना के बारे में उन्होंने भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आई.टी.बी.पी.) से चर्चा की है। आई.टी.बी.पी. के स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के बारे में विस्तृत चर्चा की गई है। आई.टी.बी.पी. के विभिन्न हेलीपैड को दूर-दराज क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपयोग में लाए जाने पर भी चर्चा की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सेना और अर्ध सैनिक बलों के शौर्य पर नाज है। मुख्यमंत्री ने शिपकी-ला में सरहद वन उद्यान का शुभारम्भ भी किया। उन्होंने इंदिरा गांधी प्वाइंट भी विजिट किया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और सीमा पर्यटन गतिविधियों का शुभारम्भ करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिपकी-ला में पर्यटन संबंधी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने क्षेत्र में हिमाचल पथ परिवहन निगम का ऑन डिमांड बस रूट आरम्भ करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेेतृत्व में क्षेत्र में विकास की गति प्रदान की गई है।उन्होंने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।ग्राम पंचायत नमग्या के प्रधान बलदेव नेगी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।इस अवसर पर स्थानीय महिला मंडलों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, किनफेड के अध्यक्ष चन्द्र गोपाल नेगी, कमांडिग आफिसर 19, बिहार रेजीमेंट कर्नल नितिन शंकर, कमांडिंग आफिसर ।।, महार कर्नल जी.के. गुंडे, कमांडेंट 43, आई.टी.बी.पी. सुरेन्द्र पंवार उपायुक्त अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस, सेना, आई.टी.बी.पी., व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

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