March 5, 2026 10:38 am

हिमाचल में मॉनसून की मार,कई घायल कई लाचार।

शिमला।हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की बारिश लगातार कहर ढा रही है कही भूस्खलन से खतरा पैदा हो रहा है तो कई गाड़ियां ओर लोगों के मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है ।इसी तरह  शिमला शहर के भट्टाकुफर इलाके में सोमवार सुबह 5 मंजिला मकान जमींदोज हो गया। पार्षद नरेंद्र ठाकुर के अनुसार फोरलेन निर्माण के चलते इस मकान को खतरा पैदा हो गया था। यह क्षेत्र चमियाना पंचायत के अधीन आता है। देर रात इस मकान को खाली करवा दिया गया था। यह मकान एक सेवानिवृत सहायक अभियंता का बताया जा रहा है जिनकी कुछ समय पहले मृत्यु हो चुकी है। अब इसमें उनकी पत्नी और परिवार रहता था। रविवार देर रात इन्हें घर से बाहर सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया था। सोमवार सुबह यह मकान धमाके के साथ ढह गया। मौके पर एक अन्य मकान में भी दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के लिए की गई गलत खोदाई के चलते इस क्षेत्र में कई मकानों के ढहने का खतरा पैदा हो गया है। फिलहाल जिला प्रशासन, पुलिस फोरलेन की टीमें मौके पर पहुंच गई है।शिमला ग्रामीण के उपमंडल मजिस्ट्रेट मंजीत शर्मा ने कहा कि सुबह करीब 8 बजे रंजना की पांच मंजिला मकान ढह गया। मकान को कल रात ही खाली करा लिया गया था। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। इसके बगल में तीन-चार और इमारतें हैं, जो खतरे में दिख रही हैं। आस-पास के कुल पांच घरों को खाली करा लिया गया है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के कारण यहां की जमीन ढीली हो गई है। राहत कार्य चल रहे हैं। हमने ढही इमारत के मालिक को तत्काल राहत के तौर पर 50,000 रुपये दिए हैं।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने मौसम विभाग के रेड अलर्ट और रात की हुई भारी बारिश से बने हालत को देखते हुए 30 जून की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। आगामी आदेशों के लिए परीक्षा नियंत्रक ने नियमित रूप से विवि की वेबसाइट पर नजर रखने को कहा है।राजधानी शिमला में कई भवनों पर भूस्खलन से ढहने का खतरा मंडरा गया है। न्यू शिमला में बिजली बोर्ड के दफ्तर में दरारें पड़ गई हैं। कृष्णा नगर में भी एक भवन को खतरा है। कई अन्य वार्ड में भी भूस्खलन के कारण मकानों पर संकट मंडरा गया है।मानसून की पहली भारी बारिश से राजधानी में भारी तबाही हुई है। शहर के कई इलाकों में भूस्खलन और डंगे दरकने से छह मकानों को खतरा पैदा हो गया है। मलबे और पेड़ ढहने से छह गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। पेयजल परियोजनाओं में गाद से शहर के लिए पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। रात से जारी भारी बारिश के कारण शहर के मैहली में रविवार तड़के सुबह 3:00 बजे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भूस्खलन हो गया। इससे दो सरकारी आवासों को खतरा पैदा हो गया है। इनकी नींव पर लगा डंगा पूरी तरह से धंस गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इन भवनों के निचली ओर एक निजी प्लॉट पर भवन निर्माण का काम चल रहा था। इसकी खोदाई के चलते पहाड़ी के ऊपरी तरफ बने इन आवासों का डंगा बारिश से दरक गया। अब यहां तिरपाल लगा दिए गए हैं। बारिश से भवनों की नींव पर लगा डंगा और दरकने का खतरा है।भट्ठाकुफर के नेरीधार में भी एक मकान की नींव पर लगा डंगा दरक गया। इससे मकान को खतरा पैदा हो गया है। बीसीएस में भी एक भवन की नींव पर लगा डंगा दरक गया है। पार्षद आशा शर्मा के अनुसार सुबह के समय डंगा दरका है। यदि जल्द इसे ठीक नहीं किया, तो भवन को खतरा हो सकता है। पटयोग वार्ड में हाटेश्वरी मंदिर के पास भी पेड़ ढहने से एक मकान के गेट को नुकसान पहुंचा है। यहां दो और पेड़ ढहने वाले हैं। खलीनी में एक प्लॉट पर भूस्खलन हुआ है। यहां भवन निर्माण का काम चल रहा था। पार्षद चमन प्रकाश के अनुसार तिरपाल लगा दिए गए हैं।

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