April 23, 2026 5:12 pm

सरकार ने बजट मे खोला खजाना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों मे होंगे करोड़ो के काम।

शिमला।जल शक्ति विभाग के तहत करोड़ों रुपए की स्कीमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए घोषित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इन योजनाओं के लिए करोड़ों रुपए का प्रावधान रखा है। कई शहरों में नई जलापूर्ति योजनाओं के साथ सीवरेज स्कीमों का ऐलान किया गया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश के ठंडे क्षेत्रों में एंटी फ्रीज और शीतकालीन जलापूर्ति योजनाओं के तहत जिला लाहुल-स्पीति के लिए 27 करोड़ रुपए की लागत से 20 वाटर सप्लाई स्कीमें और किन्नौर जिला में 72 करोड़ रुपए की लागत से छह जलापूर्ति योजनाओं का कार्य आरंभ किया जाएगा। इस वर्ष नादौन, भोरंज, अमलेहड़ और हरोली में चार जलापूर्ति स्कीमें और बद्दी के लिए एक सीवरेज स्कीम का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।सीएम ने कहा कि 298 करोड़ 87 लाख की अनुमानित लागत से 17 नगरों मंडी, ठियोग, राजगढ़, चंबा, हमीरपुर, सुन्नी, रामपुर, डलहौजी, अंब, भुंतर, नाहन, जवाली, बैजनाथ, अर्की, निरमंड, पालमपुर और जोगिंद्रनगर में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इनमें से 11 नगरों में कार्य प्रगति पर है तथा शेष नगरों में कार्य वित्त वर्ष 2025-2026 के दौरान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 2025-2026 में ही नौ अन्य नगरों भुंतर, नाहन, जवाली, अर्की, निरमंड, जोगिंद्रनगर, शाहपुर, भटियात और करसोग में कुल 167 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल योजनाओं का निर्माण शुरू किया जाएगा।

43 करोड़ से ड्रिंकिंग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी, स्वां, परागपुर व देहरा में आगामी वित्त वर्ष के दौरान 43 करोड़ रुपए की लागत से ड्रिंकिंग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। प्रदेश के दस जिलों में किन्नौर और लाहुल-स्पीति को छोडक़र 291 चयनित योजनाओं में सेंसर आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

20663 घरों को 745 करोड़ का पानी

प्रदेश में 58 स्थानीय शहरी निकायों में जल शक्ति विभाग द्वारा जलापूर्ति की जाती है। इनमें से 23 नगरों में उन्नयन और सुधार कार्य चल रहे है। नौ नगरों की परियोजनाओं पर कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एनडीबी के द्वारा वित्त पोषित हिमाचल प्रदेश ग्रामीण पेयजल उन्नयन परियोजना के तहत 745 करोड़ की लागत से आठ जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में 20663 घरों तक बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

2471 बस्तियों में लगाए नलके

ग्रामीण पेयजल उन्नयन एवं आजीविका परियोजना के तहत लगभग एक हजार 62 करोड़ से अधिक की लागत से दस जिलों की 2471 बस्तियों में लगाए जा रहे 79282 नलकों का 43 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

41 सीवरेज योजनाओं को मंजूरी

प्रदेश में छह नगरों भोटा, संतोषगढ़, तलाई, बैजनाथ-पपरोला, नेरचौक और बंजार जहां सीवरेज की सुविधा उपलब्ध नहीं है उनमें सीवरेज योजनाओं के अंतर्गत कार्य प्रगति पर है। पांच नगरों नेरवा, चौपाल, राजगढ़, शाहपुर और बिलासपुर के लिए सीवरेज योजनाओं का कार्य 2025-26 में आरंभ कर दिया जाएगा। इस सुविधा से वंचित शेष नौ नगरों हेतु भी प्रस्ताव तैयार किए जा रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ने वर्तमान में 41 सीवरेज योजनाओं को विभिन्न कार्यक्रमों के तहत स्वीकृत किया है जिसमें से कांगड़ा, मंडी, चंबा और किन्नौर जिलों के 14 कस्बों में सीवरेज योजनाओं पर कार्य 2025-26 में शुरू किया जाएगा।

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