शिमला।राजधानी शिमला से उन विभागों के दफ्तरों को कहीं और भेजा जा सकता है, जो अभी किराए पर चल रहे हैं। यह सिफारिश रिसोर्स मोबिलाइजेशन कैबिनेट सब-कमेटी ने राज्य सरकार को की है। इस सब-कमेटी को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री देख रहे थे। हालांकि कौन सा दफ्तर शिफ्ट होगा? अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है, लेकिन किराए के भवनों में चल रहे दफ्तरों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उद्योग भवन हाई कोर्ट को जाने के बाद उद्योग विभाग को दो भागों में बांट दिया गया था। विभाग का एक हिस्सा मजीठा हाउस में सरकारी भवन में है, जबकि माइनिंग विंग कुसुम्पटी में प्राइवेट बिल्डिंग में है। इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग पहले निजी भवन में चल रहा था, जिसे अब एशियन डिवेलपमेंट बैंक की फंडिंग से बनी टूरिज्म की बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। इसी भवन में ऊर्जा निदेशालय, एक्साइज का साउथ जोन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के कार्यालय भी हैं।ये सभी एक तरह से किराए के भवनों में चल रहे हैं। दूसरी तरफ, राज्य सरकार कांगड़ा के बनखंडी में एक बड़ा चिडिय़ाघर बना रही है, इसीलिए वन्य प्राणी विंग को वहां शिफ्ट करने की योजना है। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम को भी धर्मशाला शिफ्ट किया जा सकता है। उद्योग विभाग में भी यह तर्क लंबे समय से रहा है कि विभाग को बीबीएन में कहीं भेज दिया जाए। यदि सरकार ने किराए में बचत करनी हो तो कुछ और विभाग भी इस मुहिम के तहत आ जाएंगे। अब राज्य सरकार के स्तर पर यह तय होना है कि सिर्फ किराए वाले भवन दिए जाने हैं या कुछ और फैसला होगा?










