July 26, 2026 12:14 am

ये दवाएं खाने लायक नहीं,टेस्ट में हुई फेल।

नाहन।सिरमौर जिला के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में निर्मित दो दवाइयां मानकों के अनरूप खरी नहीं उतरी हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा जारी मार्च, 2025 के ड्रग अलर्ट ने हिमाचल प्रदेश के कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित दो दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। नियमित नियामक निगरानी के तहत राज्य की प्रयोगशालाओं द्वारा किए गए विश£ेषण में कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में बनी दवाएं नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी पाई गई हैं। अलर्ट के अनुसार कालाअंब स्थित ब्रिट लाइफ साइंस द्वारा निर्मित अनावल-40 टेबलेट्स, जो कि पैंटोप्राजोल गैस्ट्रो-रेसिस्टेंट टेबलेट्स आईपी 40 मिलीग्राम है, विघटन परीक्षण (डिसोल्यूशन टेस्ट) में विफल रही। तेलंगाना की राज्य औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला ने पाया कि यह दवा भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) के मानकों के अनुरूप नहीं है।इस दवा का मार्केटिंग एवेल लाइफ साइंसेज करती है। इसी क्षेत्र की एक अन्य फर्म एलेनक्योर बाइटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित मॉक्सीरिड-एलबी 625 टेबलेट्स भी गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। यह दवा एमोक्सिसिलिन, पोटेशियम क्लैवुलनेट और लैक्टिक एसिड बैसिलस टेबलेट्स का संयोजन है, जिसका मार्केटिंग ट्रूलप फार्मा द्वारा किया जाता है। तेलंगाना की प्रयोगशाला ने इसे मिसब्रांडेड घोषित किया है, क्योंकि लेबल पर केवल अपू्रव्ड कलर के इस्तेमाल का उल्लेख था, लेकिन यह परीक्षण में विफल रही। गौर हो कि कालाअंब हिमाचल प्रदेश का एक महत्त्वपूर्ण फार्मास्युटिकल हब है और यहां की दवा कंपनियों द्वारा गुणवत्ता मानकों का पालन न करना चिंता का विषय है। सीडीएससीओ द्वारा इस तरह के अलर्ट जारी करने का उद्देश्य दवा निर्माताओं और अन्य हितधारकों को गुणवत्ता संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूक करना है।

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