April 19, 2026 11:00 pm

युद्ध कोई रोमांटिक फिल्म नहीं पीढ़ियों तक रहता है अपनों का दर्द – पूर्व सेना प्रमुख।

नई दिल्ली।पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता के निलंबन पर सवाल उठाने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि युद्ध न तो रोमांटिक है और न ही सिनेमाई। शहर में इंस्टीच्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (पुणे चैप्टर) के हीरक जयंती समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए जनरल नरवणे ने कहा कि जब वास्तव में युद्ध छिड़ता है, तो मौत और विनाश होता है। इसकी अपनी लागत होती है, पुनर्निर्माण की लागत के साथ-साथ खोए गए उपकरणों की लागत भी होती है।युद्ध न तो रोमांटिक होता है और न ही यह कोई बॉलीवुड फिल्म। पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने के फैसले पर उठ रहे सवालों की आलोचना करते हुए कहा कि युद्ध न तो रोमांटिक होता है और न ही यह कोई बॉलीवुड फिल्म है। उन्होंने कहा कि यदि आदेश मिलेगा तो वह युद्ध के लिए तैयार रहेंगे, लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रहेगी। नरवणे ने कहा कि जब रात में गोले गिरते हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, खासतौर पर बच्चों को शरण स्थलों की ओर भागना पड़ता है, तो वह अनुभव उनके मन में गहरी वेदना छोड़ता है।पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि जिन्होंने अपने परिजन खोए हैं, उनके लिए वह दर्द पीढिय़ों तक बना रहता है। इसे पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) कहते हैं। जो लोग ऐसे भयानक दृश्य देखते हैं, वे 20 साल बाद भी पसीने में भीगकर उठते हैं और उन्हें मनोचिकित्सकीय मदद की जरूरत पड़ती है। नरवणे ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है।

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