July 31, 2026 10:30 pm

पर्ची शुल्क पर फैसला RKS पर छोड़ा, नोटिफिकेशन नहीं थोपा।

शिमला।हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में पर्ची के लिए 10 रुपए की कंसल्टेशन फीस लगाने के फैसले पर मुख्यमंत्री ने स्थिति साफ की है। कांगड़ा से लौटने के बाद अपने सरकारी निवास ओक ओवर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह शुल्क अनिवार्य नहीं है। हमने सिर्फ अस्पताल की रोगी कल्याण समिति (RKS) को स्वायत्तता दी है। यह फैसला उन्हें लेना है। यदि अस्पताल को सफाई व्यवस्था और मेंटिनेंस इत्यादि के लिए कुछ संसाधनों की जरूरत है तो वह अपने स्तर पर यह शुल्क लगा सकते हैं।अगर हॉस्पिटल नहीं चाहता और उनके अपने संसाधन या इनकम अलग से हैं, तो पर्ची शुल्क लगाने की जरूरत नहीं है। अस्पताल की रोगी कल्याण समिति जिसमें लोकल लोग होते हैं, उसे ही फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है। सरकार की ओर से नोटिफिकेशन को थोपा नहीं गया है। यह रोगी कल्याण समिति ने तय करना है। मंत्रिमंडल उप समिति ने यह सिफारिश की थी कि अस्पतालों को अपने छोटे खर्च चलाने के लिए ऑटोनॉमस होना चाहिए। उसी के आधार पर यह फैसला लिया गया है। पहले भी रोगी कल्याण समितियां के पास ही यूजर चार्ज थे।हिमाचल में कोरोना पॉजिटिव केस आने के बारे में सीएन ने बताया कि सिरमौर जिला के नाहन में 82 वर्षीय महिला को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इनको गले में इंफेक्शन था। हालांकि बाहर से आने या जाने की कोई हिस्ट्री नहीं है। इसलिए इस मामले को देखा जा रहा है। बेंगलुरु में आईपीएल ट्रॉफी जीतने की वेलकम परेड में हुई भगदड़ से मौतों पर भी मुख्यमंत्री ने शोक जताया है।

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