July 29, 2026 3:21 am

भारी बारिश से तबाही,एक की मौत,18 लापता।

शिमला। हिमाचल प्रदेश कई जिलों शिमला,कुल्लू, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, और चंबा जिले में बारिश ने काफी तबाही मचाई।वही प्रदेश  के मंडी जिले में रविवार देर रात से शुरू हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने करसोग, गोहर और धर्मपुर उपमंडलों में भारी तबाही मचाई है। जगह-जगह जलप्रलय जैसे हालात बन गए हैं। तेज बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 18 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत की बात यह रही कि अब तक 39 लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित रेस्क्यू किया है।करसोग क्षेत्र में तेज बारिश और बादल फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग लापता हो गए हैं। सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात बाधित हो गया है। बचाव कार्यों में पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। पानी के तेज बहाव में फंसे लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन स्थिति इतनी विकराल थी कि कई को समय रहते नहीं बचाया जा सका।गोहर उपमंडल के स्यांज नाले में बना एक मकान तेज बहाव में बह गया। इस घर में रह रही एक मां और उसकी बेटी को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन 7 लोग सैलाब की चपेट में आकर बह गए। लापता लोगों की पहचान पदम सिंह (75), देवकू देवी (70), झाबे राम (50), पार्वती देवी (47), सुरमि देवी (70), इंद्र देव (29), उमावती (27), कनिका (9) और गौतम (7) के रूप में हुई है। सभी लोग एक ही परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं।सराज क्षेत्र के बाड़ा में दो और तलवाड़ा में तीन लोग लापता हैं। बाड़ा से चार और तलवाड़ा से एक बच्ची को बचा लिया गया है। धर्मपुर के त्रियांबला गांव में दो घर और पांच गोशालाएं ढह गई हैं, वहीं 26 मवेशियों की मौत हो चुकी है। भदराणा गांव में भी चार घर और तीन गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।मंडी शहर के विभिन्न हिस्सों से 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। रघुनाथ का पधर क्षेत्र में भी भारी बारिश से आई बाढ़ में 12 लोग फंस गए थे, जिन्हें पुलिस व बचाव दलों ने रातभर चलाए गए अभियान में सुरक्षित बचा लिया।बिथल से किंगल के बीच कई स्थानों पर सड़कों पर भूस्खलन से यातायात ठप हो गया है। जल शक्ति विभाग के ठियोग उपमंडल के अंतर्गत आने वाले अधिकांश खड्डों और नालों में भारी गाद जमा हो गई है, जिससे सभी लिफ्ट जलापूर्ति योजनाएं बाधित हो गई हैं। सैंज-लुहरी रोड पर भी अतुल पेट्रोल पंप के पास भूस्खलन हुआ है, जिससे रास्ता बंद हो गया है।डीसी मंडी अपूर्व देवगन खुद बाड़ा, तलवाड़ा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं। सरकार और प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। करसोग, गोहर, धर्मपुर जैसे क्षेत्र भयानक स्थिति में हैं। जहां जन और पशु हानि के साथ-साथ ढांचागत नुकसान भी हुआ है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं, लेकिन मौसम की मार ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

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