शिमला फ़रवरी। हिमाचल प्रदेश में एक मार्च से सरकारी और निजी सभी स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। स्कूल परिसर में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होगी और यदि किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल पाया गया तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।मोबाइल जब्त किया जाएगा और अभिभावकों को स्कूल बुलाकर समझाया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने पर तय मानक प्रक्रिया (एसओपी) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरूवार को बिलासपुर जिले के घुमारवीं में आयोजित राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में देखा गया है कि बच्चे लंच टाइम और खाली समय में मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई से भटकता है। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग जल्द ही इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल नए स्कूल खोलने पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि राज्य के विद्यार्थी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सरकारी स्कूल में पढ़े हैं, इसलिए सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था लागू करना उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ खिलाड़ियों की सुविधाओं में भी सुधार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाई है और राज्य से बाहर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता में विजेता हिमाचल प्रदेश टीम को 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में एशियन गेम्स में भाग लेकर लौटने वाली प्रदेश की बेटियों को राज्य सरकार रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी।











