बिलासपुर। बिलासपुर जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को रेवन्यू जेनरेट करने के लिए एक नया एवं बेहतरीन टूरिज्म कान्सेप्ट दिया है। इस नए कान्सेप्ट की खासियत यह है कि सरकार अपना कुछ नहीं लगाएगी, बल्कि उल्टे पर्यटन विकास की राह ताक रही साइट्स को लीजआउट कर रेवन्यू जेनरेट करेगी। इससे सरकार की आय में इजाफा तो होगा ही, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के साधन भी सृजित होंगे। बिलासपुर प्रशासन ने गोबिंदसागर झील में दो आइलैंड को लीजआउट कर दिया है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया को अपनाया गया। टेक्रिकल बिड में तीन तीन फर्मों ने क्वालीफाई किया और फाइनल यानी फाइनांशियल बिड में तय मानकों पर खरा उतरने वाली फर्मों को टेंडर अवार्ड किया है। गोबिंदसागर झील में ज्योरीपत्तन के पास करोकोडाईलाई लैंड बिलासपुर की फर्म व धराड़सानी आइलैंड मंडी की फर्म को लीज पर आबंटित किए हैं, जिसके तहत ज्योरीपत्तन आइलैंड से दो लाख रुपए प्लस जीएसटी और धराड़सानी आइलैंड से 12.95 लाख रुपए प्लस जीएसटी के रूप में सरकार को रेवन्यू आएगा।तय एग्रीमेंट के तहत यह रेवन्यू हर वर्ष सरकार को मिलेगा। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने नए इनिशियटिव पर काम शुरू किया है, जिसके लिए गोबिंदसागर झील के बीचोंबीच ज्योरीपत्तन और धराड़सानी में आइलैंड चयनित किए गए। इसके लिए बीबीएमबी प्रबंधन से भी बातचीत की गई। इन चयनित साइट्स को लीजआउट किया गया है। खास बात यह है कि सरकार को रेवन्यू आएगा तो वहीं इन साइट्स के सुनियोजित ढंग से विकसित होने से जनता को बर्थडे और विवाह समेत अन्य समारोहों के आयोजन के लिए एक अदद उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा। बिलासपुर में वाटर टूरिज्म के साथ आइलैंड टूरिज्म पर भी काम शुरू हुआ है। इसकी शुरुआत गोबिंदसागर झील में दो टापूओं से की है।












