शिमला।बीपीएल आवेदनों की वेरिफिकेशन एक मई से शुरू हो जाएगी। प्रदेश में इस बार नए मापदंडों के आधार पर बीपीएल परिवारों की सूची तैयार की जाएगी, इसके लिए पंचायतों में 30 अप्रैल तक आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख की गई थी। निर्धारित अवधि तक प्राप्त हुए आवेदनों को सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद अब वेरिफिकेशन कमेटी बीपीएल सूची में नाम शामिल करने के लिए प्राप्त हुए आवेदनों का सर्वे करेगी। इसके लिए तीन सदस्यीय वेरिफिकेशन कमेटी एक मई से घर घर जाकर आवेदनों की जांच करेगी। इस दौरान अगर कोई भी आवेदन तय मापदंडों पर खरा नहीं पाया जाता है या फिर गलत जानकारी दिए जाने पर वेरिफिकेशन कमेटी अपने स्तर पर आवेदनों को रिजेक्ट कर सकती है। मापदंडों में सही पाए जाने वाले आवेदनों की सिफारिशों को ग्रामसभा की बैठक में रखा जाएगा। बीपीएल परिवारों के चयन के लिए होने वाली ग्रामसभा की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी होगी और इसकी व्यवसथा संबंधित पंचायत सचिव की तरफ से पंचायत समिति में उपलब्ध धन के तहत करनी होगी, जिसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए बीडीओ को ग्रामसभा की बैठक आयोजित होने से पहले इस व्यवस्था को लागू करना होगा। इसी तरह से ग्रामसभा में कानून व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए संबंधित एसडीएम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सहायता भी प्रदान करेंगे।प्रदेश में ग्रामसभा में बीपीएल परिवारों का चयन को लेकर एसडीएम की ओर से तीन सदस्यीय वेरिफिकेशन कमेटी गठित की गई है, जिसमें पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। ये कमेटी आवेदनों की जांच और साथ लगे स्पोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स की वेरिफिकेशन करेगी। इस तरह से वेरिफिकेशन कमेटी की ओर से तैयार की जानी वाली सूचियों को 15 जून तक सार्वजनिक जांच के लिए ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित करना होगा, ताकि जुलाई माह में ग्राम सभा में मामले पर पारदर्शी रूप से चर्चा की जा सके। प्रदेश की पंचायतों में घर घर जाकर छानबीन करके वेरिफिकेशन कमेटी की ओर से जो सूची तैयार की जाएगी और कमेटी की इन सिफारिशों को ग्रामसभा की बैठकों में रखा जाएगा, जहां पर बीपीएल सूची पर अंतिम मुहर लगेगी।मेरे परिवार के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। मेरा परिवार आयकर नहीं देता है, मेरे परिवार की समस्त स्रोतों से अर्जित वार्षिक आय 50,000 रुपये से ज्यादा नहीं है। इसके अलावा मेरे परिवार के पास एक हेक्टेयर से ज्यादा भूमि नहीं है। मेरे परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी/अर्ध सरकारी या निजी नौकरी में नहीं है। इसके अलावा ऐसे परिवार जिनमें 18 साल से कम आयु के अनाथ बच्चे ही सदस्य हैं या ऐसे परिवार जिनमें केवल 59 वर्ष की आयु से अधिक के वृद्धजन ही सदस्य हैं व 18-59 वर्ष की आयु का कोई भी वयस्क सदस्य नहीं है को सूची में शामिल किया जाएगा।ऐसे परिवार जिनमें महिला मुखिया हो और जिसमें 18 से 59 वर्ष की आयु के बीच का कोई व्यस्क पुरुष सदस्य ना हो, जिसमें विधवा/ अविवाहित/ तलाकशुदा/ परित्यक्त महिलाओं को सूची में डाला जाएगा। ऐसे परिवार जिनके मुखिया 50 फीसदी से अधिक विकलांग हों, सूची में ऐसे परिवारों को भी शामिल किया जाएगा। जिनके सभी वयस्क सदस्यों द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 100 दिन का रोजगार प्राप्त किया है। जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया या किसी अन्य बीमारी से पीडि़त हैं. जिसके कारण वे स्थायी रूप से अक्षम हो गए हैं। इन मानदंडों में से किसी एक या अधिक को पूरा करते हैं. वो भी बीपीएल की सूची में शामिल होने के पात्र होंगे। ऐसे परिवार जिनमें एक से अधिक ऐसे सदस्य हों जो कि कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया या किसी अन्य बीमारी से पीडि़त हैं, उन्हें बीपीएल सूची के चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।













