शिमला।हिमाचल सरकार इस साल रिटायरमेंट बेनेफिट की देनदारी टालने के लिए एक साल आयु बढ़ाने को लेकर निर्णय ले सकती है। पांच मई को होने जा रही कैबिनेट की बैठक के लिए यह एजेंडा लगभग फाइनल हो गया है। इसके वित्तीय और रोजगार पर पढऩे वाले प्रभाव के तर्क भी मंत्रिमंडल की बैठक में रखे जाएंगे। वित्त विभाग का आकलन है कि इससे इस साल 3000 करोड़ की देनदारी टल जाएगी। ऐसा फैसला एक बार वित्तीय स्थिति बिगडऩे पर वीरभद्र सिंह सरकार में भी लिया गया था। बाद में इसे घटाकर दोबारा 58 साल कर दिया था। इस बार डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बनाई गई कैबिनेट सब कमेटी ने यह सिफारिश की है। कैबिनेट की इसी बैठक में नई भर्ती नीति भी रखी जा सकती है।राज्य सरकार अनुबंध भर्ती नीति की जगह अब प्रोबेशन आधारित भर्ती का मॉडल अपनाने जा रही है। गुरुवार को इस पॉलिसी पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने भी संबंधित विभागों की बैठक ली। लंबी चर्चा के बाद विधि विभाग ने नई पॉलिसी का ड्राफ्ट कार्मिक विभाग से मांगा है। यदि यह ड्राफ्ट शुक्रवार तक भी विधि विभाग को मिल गया, तो पांच मई की कैबिनेट में ही यह एजेंडा लग जाएगा। पार्टटाइम वर्करों को डेली वेजर्स में कन्वर्ट करने के लिए भी मामला कैबिनेट में ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य चयन आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों की फीस क्या होगी? इस पर मोहर भी कैबिनेट में ही लगेगी। चयन आयोग ने जो फीस प्रस्तावित की थी। वह मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्यादा लगी थी। इसलिए इसे घटा दिया गया है।












