नई दिल्ली।भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद सोमवार को दोनों देशों के बीच डीजीएमओ सत्र की वार्ता में पाकिस्तान की बॉडी लैंग्वेज डिफेंसिव रही। दोनों देशों के डीजीएमओ ने हॉट लाइन पर बात की। हॉटलाइन पर भारत की ओर से राजीव घई और पाकिस्तान की ओर से काशिफ अबदुल्लाह के बीच बातचीत हुई। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने साफ कहा कि अब उनका देश इस टकराव को आगे नहीं बढ़ाएगा। पाकिस्तान ने कहा कि वह सीजफायर का उल्लंघन नहीं करेगा। यह वार्ता पहले सोमवार दोपहर 12 बजे के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन किन्ही कारणों से इसे यााम को आयोजित किया गया। उधर, पाकिस्तान के एक सर्वे में सामने आया है कि करीब दो करोड़ पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत से जंग की स्थिति में सेना का साथ न देने का ऐलान किया है। आर्थिक बदहाली, सेना के अत्याचार और युद्ध से थकी जनता अब शांति चाहती है। इन लोगों का कहना है कि पाक सेना को अपनी मौजूदा हालत देखनी चाहिए और बातचीत से काम लेना चाहिए। इन दो करोड़ लोगों का मानना है कि पाकिस्तान को युद्ध में नहीं जाना चाहिए।पाक के लिए भारत जैसे देश से युद्ध करने का मतलब है अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारना। इन दिनों जिन हालातों से पाकिस्तान जूझ रहा है, वह पूरी दुनिया जानती है। जीडीपी से लेकर पाक की इकोनॉमी तक, सब कुछ बेहाल है। इन सब चीजों से ये साफ होता है कि जनता जंग से थक चुकी है और अब आर्थिक स्थिरता व शांति चाहती है। साथ ही कई इलाकों में पाक सेना के जुल्मों के चलते भी लोग सेना का साथ नहीं देना चाहते हैं।













