दिल्ली/ वाशिंगटन।कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाक मध्यस्थता के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हमने कभी किसी से मध्यस्थता नहीं मांगी। थरूर ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत ने कभी किसी से अपने और पाकिस्तान के बीच विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की मांग नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि 10 मई को पाकिस्तान ने भारत से अनुरोध किया था कि वह अपने सैन्य अभियानों को रोके, क्योंकि भारतीय हमलों से उन्हें बड़े पैमाने पर नुकसान का आकलन हुआ था। शशि थरूर ने कहा कि हमें अमरीकी राष्ट्रपति पद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति अत्यधिक सम्मान है, लेकिन जहां तक हमारा सवाल है तो हमने कभी भी किसी से मध्यस्थता की अपेक्षा नहीं की।बता दें कि यह बयान उस समय आया, जब कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पाकिस्तान के सामने सरेंडर करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी को सरेंडर मोदी तक कहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बात करते हुए थरूर ने कहा कि संघर्ष की जिस रात को आखिरी रात माना गया, उस रात भारत ने प्रभावी रूप से पाकिस्तान के 11 सैन्य एयरबेस पर हमला किया।अमरीकी दौरे पर गए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी विरोधी बयानबाजी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रहित में काम करने को पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हैं, उन्हें खुद से सवाल करना चाहिए। थरूर ने यह जवाब कांग्रेस छोडऩे की अटकलों के सवाल पर दिया। उन्होंने कहा कि जब आप देश की सेवा कर रहे हों, तब ऐसी चीजों की ज्यादा परवाह नहीं करनी चाहिए। हमारे राजनीतिक मतभेद भारत के बॉर्डर के बाहर जाते ही खत्म हो जाते हैं। सीमा पार करते ही हम पहले भारतीय होते हैं।











