**शिमला।**: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, शिमला ने भारतीय हिमालयी क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े सफाई अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वेस्ट वॉरियर्स संस्था के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से 7000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। एकजुट प्रयासों से एक ही दिन में 7000 किलोग्राम से अधिक कचरा एकत्र किया गया।
**शिमला में सफाई अभियान**: शिमला में लगभग 1320 लोग इस सफाई अभियान में शामिल हुए। इस दौरान 3591 किलोग्राम सूखा कचरा एकत्र किया गया, जिसे वेस्ट वॉरियर्स की टीम अब रीसाइक्लिंग के लिए प्रोसेस कर रही है। इस अभियान में होमगार्ड, पंचायत सदस्य, स्थानीय समुदाय, रोटरी क्लब शिमला जैसे सामाजिक संगठन, और वन विभाग, पुलिस विभाग, तथा नगर निगम जैसे सरकारी विभाग शामिल हुए। इस सामूहिक प्रयास ने साबित किया कि एकजुट होकर बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
**मशोबरा में स्वच्छता मिशन**: मशोबरा ब्लॉक में वेस्ट वॉरियर्स ने स्थानीय समुदाय के सहयोग से एक प्रभावी स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान में सात प्रमुख स्थानों—सिपुर रोड, शर्मा डेस्टिनेशन मशोबरा 2, जाखू मंदिर, मठु कॉलोनी चम्याना, शनिदेव मंदिर मल्याना, पेट्रोल पंप ढली, और पवाबू दुम्मी—की सफाई की गई। यह मिशन केवल 70 मिनट में पूरा हुआ, जिसमें ग्राम पंचायत प्रधान और स्थानीय निवासियों का सहयोग रहा। यह अभियान मशोबरा ब्लॉक के लिए गर्व का क्षण बन गया, जिसने न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि सामुदायिक भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।
**अभियान का विस्तार**: यह स्वच्छता अभियान शिमला तक सीमित नहीं रहा। हिमाचल प्रदेश के मनाली, धर्मशाला, कसौली, बीड़, और रेणुकाजी, साथ ही उत्तराखंड के देहरादून, उत्तरकाशी, कॉर्बेट, आसन, और केंपटी फॉल्स जैसे क्षेत्रों में भी सफाई कार्य किए गए।
वेस्ट वॉरियर्स का मिशन**:वेस्ट वॉरियर्स संस्था हिमालयी क्षेत्रों में प्रभावी कचरा प्रबंधन सिस्टम विकसित करने पर कार्यरत है। इस तरह के अभियानों के माध्यम से संस्था न केवल कचरा प्रबंधन को मजबूत करती है, बल्कि लोगों को अपने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी लेने के लिए भी प्रेरित करती है।











