July 27, 2026 5:22 pm

आठ दिन पूरे हो गए हैं पर सरकार को त्रासदी क्षतिग्रस्त इलाकों की चिंता नहीं : बिंदल

शिमला।,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा त्रासदी ग्रस्त क्षेत्र में प्रदेश की कांग्रेस सरकार नाते पाई सड़क पानी और पुनर्वास। मंडी जिला के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश के कारण बड़ा नुकसान हुआ और लगभग 1000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए इसमें से 300 से 500 मकान ऐसे हैं जो पूरी तरह और 500 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, 200 से अधिक ऐसी जमीन है जहां सब के बगीचे एवं कृषि भूमि पूरी तरह नष्ट हो गई और वहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर गई। समस्या तो यह है कि जल शक्ति विभाग की परियोजनाएं ठप हो गई है और पीने का पानी तक नहीं है और इसके लिए प्रदेश सरकार ने अभी किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की है, पानी की पूर्ति हेतु कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था अभी तक खड़ी नहीं की गई है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। पंडोह और मंडी के अधिकतम रास्ते बंद पड़े हैं उसको भी सरकार ने अभी तक खोलने का कोई प्रयास नहीं किया है, यह सरकार की गंभीरता पर सवाल या निशान उठना है। इसके साथ-साथ हम मांग करते हैं जो प्रभावित लोग कैंप में रह रहे हैं उनके लिए भी सरकार को स्थाई व्यवस्था बनानी चाहिए। राजीव बिंदल ने कहा कि बीते 8 दिन में सरकार की तरफ से बहुत कुछ होना चाहिए था पर वैसा कुछ धरातल पर देखने को नहीं मिला। हम मुख्यमंत्री को स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं की इन इलाकों में ज्यादा से ज्यादा एवं अधिकतर मशीनरी लगाकर क्षेत्र को राहत पहुंचाने का काम करना चाहिए सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। भाजपा के सभी नेताओं ने प्रथम दिन से इस त्रासदी को लेकर गंभीरता से काम किया गया है, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर विधायक विनोद कुमार विधायक दीपराज कपूर और भाजपा द्वारा तीन गठित टीमें लगातार धरातल पर काम कर रही है। अगर जयराम ठाकुर प्रथम दिन पर मंडी जिला में न जाते तो शायद यह घटना उचित समय पर ध्यान में ना आती। राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार भाजपा और विपक्ष पर आरोप लगा रहे हैं कि इस त्रासदी के समय हम राजनीति कर रहे हैं, यह आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सेवा को राजनीति समझते हैं तो हम करते रहेंगे, अगर राशन किट वितरण, बर्तन किट वितरण, कंबल पहुंचाना, प्रभावितों से मिलकर उनको संवेदना प्रकट करना, उनके बीच जाकर दुख बांटना अगर राजनीति है तो ऐसी राजनीति हम लगातार करते रहेंगे। अच्छा होता कि मुख्यमंत्री और उनके नेता भी जनता के बीच उनका दुख बांटने के लिए कार्यरत होते। राजीव बिंदल ने कहा कि जब 2001 में आपदा आई थी तो पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सब काम छोड़ आपदा ग्रस्त क्षेत्र के दौरा करने निकले थे, उसे समय याद होगा कि वह एक समान की हवाई ट्रॉली में भी बैठकर आपदा क्षेत्र में पहुंचे थे और लाहौल स्पीति जैसे दुर्गम इलाके से वहां की फसल को हेलीकॉप्टर द्वारा दिल्ली पहुंचा गया था। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी कोविड महामारी के समय प्रदेश को तीव्र मार्केटिंग द्वारा और लगातार प्रवास के माध्यम से संभाला था। बिंदल ने कहा कि सरकार को त्वरित कार्य एवं कार्यवाही करते हुए जिन 500 से अधिक लोगों ने अपने घर और सब एवं खैर के बगीचों को पूरी तरह से खो दिया है यानी 100% हानि, उनको पुनः स्थापित करने हेतु जमीन मुहैया करवानी चाहिए। दुख की बात तो यह है की 2023 और 2024 में जिन लोगों को इस प्रकार का नुकसान हुआ था उनको प्रदेश की वर्तमान सरकार आज तक जमीन नहीं दे पाई है। यह प्रदेश सरकार का फेलियर है और इस बारे में सरकार में बैठे लोगों को गंभीरता से सोचना चाहिए। राजीव बिंदल ने मंडी जिले के त्रासदी के दौरान बड़े हाथों के उदाहरण देते हुए कहा कि पंडोह में 16 मेगावाट का बिजली प्रोजेक्ट 100% वॉश आउट हो गया है और उसे प्रोजेक्ट की एक भी टरबाइन नहीं मिल पाई। यहां के रास्ते भी बंद हो गए और भाजपा सरकार के दौरान जो बगलामुखी माता रोप वे बनाया गया था वही एकमात्र साधन है जिससे लोग आवागमन कर पा रहे हैं इस क्षेत्र में 15 से अधिक पुल टूट गए हैं। एक बिजली का ट्रांसफार्मर 500 मीटर दूर जाकर गिरा। नाचन से एक मृतक शरीर देहरा महाराणा प्रताप डैम में मिला। टमाटर की पूरी फसल वॉश आउट हो गई। लंबाताज का गांव जहां 25 घर पूरा का पूरा गांव साफ हो गया। अनेकों 5 मंजिली बिल्डिंग खत्म हो गई, ऐसा प्रतीत होता है कि लाखों टन या 10000 से अधिक ट्रक पत्थर और मालवा मंडी जिला में आकर गिर गया है।

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