April 15, 2026 12:11 pm

रेहड़ी फड़ी वालों ने शिमला नगर निगम के खिलाफ की नारेबाजी।

शिमला,अगस्त। रेहड़ी फड़ी तयबजारी यूनियन सम्बन्धित सीटू ने नगर निगम शिमला द्वारा तहबाजारियों के सत्यापन व पंजीकरण के लिए आठ दस्तावेज मांगने के खिलाफ शिमला शहर में एक दिन की हड़ताल की। इसके उपरांत उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जिसमें सैंकड़ों लोग शामिल रहे। यूनियन ने चेताया है कि अगर इस शर्त को वापिस न लिया गया व केवल आधार कार्ड पर सत्यापन व पंजीकरण न किया गया तो आंदोलन तेज होगा। प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, कोषाध्यक्ष बालक राम, रामप्रकाश, यूनियन अध्यक्ष दर्शन लाल, महासचिव राकेश सलमान, कोषाध्यक्ष नरेश कुमार, पवन, शब्बू आलम, श्याम लाल, मैहक सिंह, मनोज, त्वरासु, संजय, पप्पू, अनिल, गौरी शंकर, विमल, रणजीत, प्रकाश, प्रमोद, प्रेम, मुकेश, राम विष्णु, सुखविंद्र सिंह, सुरेंद्र कौर, संजू, दीपक, दिनेश, हृदेश कुमार सेठी, राजकुमार, प्रदीप, अमित, शाम लाल, मुकेश, इंद्र, रमा, हेमा, संजू, मोहम्मद पीरु, सेठी, मोहन, मुकेश, दिनेश, अमित, मुकेश, सुखविंद्र आदि शामिल रहे। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजेंद्र मेहरा, बालक राम, यूनियन अध्यक्ष दर्शन लाल, महासचिव राकेश कुमार, शब्बू आलम, रमा, श्याम लाल व मोहम्मद पीरु ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014, वर्ष 2007 में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी को लागू करवाने व तहबाजारियों को उजाड़ने के विरुद्ध तहबाजारी विधानसभा व प्रदेश सरकार सचिवालय का घेराव करने से नहीं चूकेंगे। उन्होंने कहा कि केबिनेट सब कमेटी की आड़ में तहबाजारियों से आठ तरह के दस्तावेज मांगना तहबाजारियों को तंग करने के अलावा कुछ भी नहीं है। यह स्ट्रेट वेंडर्स कानून व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का घोर उल्लंघन है। यह पूरी तरह अव्यावहारिक निर्णय है। जब देश में हर चीज को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है तो फिर यूनिवर्सल आधार कार्ड के अलावा अन्य दस्तावेजों को मांगना पूरी तरह बेबुनियाद है। यूनियन ने निर्णय लिया है कि शिमला शहर का पंजीकृत अथवा गैर पंजीकृत कोई भी तहबाजारी आधार कार्ड के सिवाए कोई भी दस्तावेज जमा नहीं करेगा। उन्होंने कहा है कि लक्कड़ बाजार व आईजीएमसी के नजदीक बैठने वाले तहबाजारियों को बेवजह तंग किया जा रहा है। मोमो, बर्गर, चाऊमीन व अन्य व्यंजन बनाने वाले तहबाजारियों के गैस चूल्हे व स्टोव जब्त किए जा रहे हैं व उन्हें प्रतिदिन एक हजार रुपए जुर्माना किया जा रहा है। यह स्ट्रेट वेंडर्स कानून के विरुद्ध है। इसे तुरंत बंद किया जाए।उन्होंने मांग की है कि तहबाजारियों की समस्याओं के हल के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी की नियमित बैठकें की जाएं। उन्होंने कहा कि पिछले छः महीने से तहबाजारियों को शिमला शहर के कुछ इलाकों से उजाड़ा जा रहा है परंतु उन्हें दूसरी जगह बैठने नहीं दिया जा रहा है। यह स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का खुला उल्लंघन है। उन्होंने मांग की है कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 को सख्ती से लागू किया जाए। तयबजारियों को कानून के विरुद्ध उजाड़ने की मुहिम को तुरन्त बन्द किया जाए। पुराने तहबाजारियों की दोबारा सर्वे करने की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए व नए तयबजारियों के नए सर्वे का कार्य तुरन्त शरू किया जाए तथा नए तयबजारियों को पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगर निकाय प्रशासन पिछले काफी समय से स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। रेहड़ी फड़ी तयबजारी का कार्य करने वाले सैंकड़ों लोगों को आज भी स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के नियमानुसार सर्टिफिकेट जारी नहीं हुए हैं। नगर निकायों द्वारा नियमित तौर पर स्ट्रीट वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी न करने के कारण उनके रोजगार पर आए दिन प्रहार हो रहा है। टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक समयानुसार नहीं हो रही है। टीवीसी बैठकों के अभाव में कानून लागू होने के दस वर्ष बाद भी कई रेहड़ी फड़ी तयबजारियों को सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाए हैं जोकि कानूनी तौर पर उनका हक है। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के अनुसार गैर पंजीकृत तयबजारियों को तुरन्त सर्टिफिकेट जारी करने की मांग सरकार व प्रशासन से की है। उन्होंने तयबजारियों को उजाड़ने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है क्योंकि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 इसकी इजाज़त नहीं देता है। उन्होंने प्रदेश सरकार, नगर निगम शिमला व विभिन्न नगर निकायों को चेताया है कि अगर तहबाजारियों की बेदखली तुरंत बंद न की गई तो आंदोलन तेज होगा।

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