शिमला सितम्बर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव को छात्रों की ज्वलंत समस्याओं व मांगों को लेकर एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा गया। इस दौरान एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेताया कि यदि छात्रों की जायज मांगों पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया गया, तो विश्वविद्यालय परिसर में आने वाले दिनों में एक बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिलेगा।ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष रखा है:फीस कटौती का निर्णय तुरंत हो लागू: विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार पुनः मूल्यांकन (Re-evaluation), करेक्शन, माइग्रेशन एवं अन्य मिसलेनियस फीस को 75 प्रतिशत तक कम करने के आदेश को तुरंत प्रभाव से धरातल पर लागू किया जाए, ताकि आम और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्रों को आर्थिक राहत मिल सके।अतिरिक्त फीस का हो रिफंड: जिन छात्रों ने पूर्व में भारी-भरकम फीस चुकाकर पुनः मूल्यांकन के फॉर्म भरे हैं, उन छात्रों की बढ़ी हुई फीस को बिना किसी देरी के तुरंत रिफंड (वापस) किया जाए।डिग्री सेल में स्टाफ की कमी हो दूर: प्रशासनिक भवन के डिग्री सेल में लंबे समय से गैर-शिक्षकों (Non-teaching staff) की भारी कमी चल रही है। इस कमी के कारण छात्रों को अपनी डिग्रियों और सर्टिफिकेट्स के लिए महीनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं। प्रशासन इस कमी का तुरंत प्रभाव से स्थायी समाधान करे।विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में दूर-दराज के क्षेत्रों से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। ऐसे में प्रशासनिक ढुलमुल रवैये और अत्यधिक फीस के कारण छात्रों को मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। एबीवीपी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रशासन छात्रों के सब्र का इम्तिहान न ले और इन तीनों मांगों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे, अन्यथा परिषद पूरे प्रदेश भर में उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।











