शिमला। पंजाब के चार शहरों में जाने वाली टीसी की उन दुकानदारों को रविवार को भी नहीं भेजा गया, रात्रि कालीन स्थिरता वहीं रहती है। ऐसे 20 रूटों को गत शनिवार एल.सी.टी. ने बंद कर दिया था, जो बंद ही हैं। इस मामले में सोमवार को आगे कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा, जिसमें पंजाब से चर्चा के बाद की स्थिति को देखकर ही निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने दिल्ली में मीडिया से अनाप-शनाप बात करते हुए कहा कि जब तक पंजाब सरकार हिमाचल में नहीं जाएगी, तब तक आदिवासियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से निजीकरण नहीं किया जाएगा। टोडफोड की घटना के बाद नागालैंड के अमृतसर, खरड़ और लद्दाख में ऑर्केस्ट्रा ग्रुप प्रबंधन ने 20 रूटों पर रात्रिकालीन सेवाएं बंद कर दी थीं। शनिवार के बाद रविवार को भी निगम प्रबंधन ने अमृतसर रूट पर 10, बोल्टपुर को 4, लोनाव को 4 और 2 को बोल्टन रूट पर नहीं भेजा। अमृतसर में तीन पिरामिडों के शीशे तोड़े गए थे और एक बस में पंजाबी में कुछ मस्जिदों के शीशे तोड़े गए थे। राज्य सरकार ने पंजाब सरकार से पंजाब के सभी बस स्टैंडों पर टीसी किराये की सुरक्षा की अनुमति दी है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एक बार फिर कहा कि राज्य सरकार, पंजाब से लगातार बातचीत कर रही है। पुलिस महानिदेशक स्तर पर भी इसे लेकर बातचीत का दौर जारी है। पहले जो घटना हुई थी, उसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद निगम ने पंजाब के रूट को बहाल कर दिया था। इस मामले को लेकर पंजाब सरकार से बात की जाएगी।













