April 15, 2026 8:53 pm

कांग्रेस की सरकारों ने आज तक जाति जनगणना का विरोध किया : बिंदल 

शिमला।, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि आज दिनांक 30 अप्रैल 2025 के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजनैतिक विषयों की कैबिनेट समिति ने यह निर्णय लिया है कि जातियों की गणना को आने वाली जनगणना में सम्मिलित किया जाए। यह इस बात को दर्शाता है कि वर्तमान सरकार देश और समाज के सर्वांगिक हितो और मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने आज तक जाति जनगणना का विरोध किया है। आजादी के बाद की गयी सभी जनगणनाओं में जातियों की गणना नहीं की गयी। आजादी के बाद यह पहली बार है कि प्रॉपर सही तरीके से जनगणना के साथ जाति जनगणना कराई जा रही है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को हार्दिक बधाई।बिंदल ने कहा कि वर्ष 2010 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह ने लोकसभा में आश्वासन दिया था कि जाति जनगणना पर केबिनेट में विचार किया जाएगा। तत्पश्चात एक मंत्रिमण्डल समूह का भी गठन किया गया था, जिसमें अधिकांश राजनैतिक दलों ने जाति आधारित जनगणना की संस्तुति की। इस समूह में शामिल केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने 2011 की जनगणना में जाति को शामिल करने का विरोध किया और कहा कि जातियों की गिनती जनगणना में नहीं, बल्कि अलग से कराई जाएगी। इसके बावजूद कांग्रेस की सरकार ने जाति जनगणना के बजाए एक सर्वे कराना ही उचित समझा जिसे SECC के नाम से जाना जाता है। इस पर 4893.60 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए लेकिन जातिगत आँकड़े प्रकाशित नहीं हुए क्योंकि इसमें 8.19 करोड़ गलतियां पाई गई। 28 जुलाई 2015 को सरकार ने इसके बारे में बताया था। इस सब के बावजूद, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने जाति जनगणना के विषय को केवल अपने राजनैतिक लाभ के लिए उपयोग किया।उन्होंने कहा कि जनगणना का विषय संविधान के अनुच्छेद 246 की केंद्रीय सूची की क्रम संख्या 69 पर अंकित है और यह केंद्र का विषय है। हालांकि कई राज्यों ने सर्वे के माध्यम से जातियों की जनगणना की है। जहां कुछ राज्यो में यह कार्य सूचारू रूप से संपन्न हुआ है वहीं कुछ अन्य राज्यों ने राजनैतिक दृष्टि से और गैरपारदर्शी ढंग से सर्वे किया है। इस प्रकार के सर्वे से समाज में भ्रांति फैली है। मोदी सरकार के जातिगत जनगणना कराने के निर्णय से यह सुनिश्चित होगा कि समाज आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से मजबूत होगा और देश की भी प्रगति निर्बाध चलती रहेगी।

Leave a Comment

और पढ़ें

साढ़े तीन साल में कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की जनता की कमर तोड़ी, कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त”“₹45,000 करोड़ कर्ज, महंगाई की मार और ताला-बंदी मॉडल—सुखु सरकार ने प्रदेश को विनाश की ओर धकेला”: डॉ. राजीव बिंदल

“राज्य स्तरीय हरौली उत्सव बना कांग्रेस का राजनीतिक मंच—‘व्यवस्था परिवर्तन’ नहीं, ‘व्यवस्था पतन’ का उदाहरण”“SDM चेयरमैन, DC की देखरेख में सरकारी कार्यक्रम—फिर भी कांग्रेस प्रभारी से समापन, खुला सत्ता दुरुपयोग” राकेश जमवाल

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

साढ़े तीन साल में कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की जनता की कमर तोड़ी, कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त”“₹45,000 करोड़ कर्ज, महंगाई की मार और ताला-बंदी मॉडल—सुखु सरकार ने प्रदेश को विनाश की ओर धकेला”: डॉ. राजीव बिंदल

“राज्य स्तरीय हरौली उत्सव बना कांग्रेस का राजनीतिक मंच—‘व्यवस्था परिवर्तन’ नहीं, ‘व्यवस्था पतन’ का उदाहरण”“SDM चेयरमैन, DC की देखरेख में सरकारी कार्यक्रम—फिर भी कांग्रेस प्रभारी से समापन, खुला सत्ता दुरुपयोग” राकेश जमवाल

error: Content is protected !!