July 29, 2026 8:36 am

बारिश से मचा हा हाकार, बिजली उत्पादन पर पड़ा असर,कई जगह भूस्खलन।

शिमला | हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी के बीच गत शनिवार रात से कई इलाकों में जमकर बारिश हुई है। शिमला समेत प्रदेश के कई इलाकों में इसका प्रभाव देखने को मिला है। इससे कुछ बिजली परियोजनाओं में उत्पादन में कमी आई है। स्थिति ऐसी ही रहती है, तो बिजली का उत्पादन बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकता है। बताया जाता है कि नदी, नाले व खड्डें उफान पर हैं, जिनमें अत्यधिक सिल्ट भर गई है। छोटे-छोटे बिजली प्रोजेक्टों में सिल्ट की वजह से उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। जिस तरह से मौसम विभाग ने चेतावनी दी है, तो अगले एक सप्ताह के बीच भारी बारिश होनी है। ऐसा निरंतर चलता रहा, तो बड़ा नुकसान होगा। अभी राज्य में बिजली उत्पादन भी अपने चरम पर पहुंच गया है। अब सिल्ट व पानी भर जाने की वजह से इसमें कमी आई है। एक साथ 100 मेगावाट की कमी सैंज परियोजना के बंद हो जाने की वजह से हुई है जहां पर कुछ दिन पहले बादल फटा था, जिसके चलते यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। इसका सीधा प्रभाव बिजली उत्पादन पर पड़ा है।इसी तरह से बताया जा रहा है कि बीबीएमबी की परियोजनाओं में भी उत्पादन में कमी आई है। हालांकि अभी यहां पर उत्पादन बंद नहीं हुआ है, परंतु कभी भी हो सकता है। जिस तरह से रविवार को पंडोह डैम में पानी बढ़ गया और पानी छोडऩे के लिए सभी पांचों गेट खोल दिए गए। वहीं पौंग में भी जलस्तर काफी ज्यादा बढ़ चुका है, जो कि खतरे के निशान तक पहुंचने वाला है। इससे आसपास के इलाकों के लोग एक बार फिर से सहम उठे हैं। मंडी जिले में अधिकारियों ने जल स्तर के खतरे के निशान को पार करने के बाद पंडोह बांध के पांच जलद्वार खोल दिए। यह उछाल अंतत: पौंग बांध तक पहुंचेगा और पंजाब के तलवाड़ा में बहेगा। मंडी में जूनी खड्ड, जो ब्यास में विलीन हो जाती है भी अचानक उफान पर आ गई, जिससे चिंताएं बढ़ गईं। बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ा है। बढ़ती गंदगी और गाद तथा मलबे के कारण जल मोड़ प्रणाली को आंशिक नुकसान पहुंचने के कारण उत्पादन पर प्रभाव पड़ा है। छोटे-छोटे बिजली प्रोजेक्टों में सिल्ट भर जाने की वजह से उनको बंद करना पड़ा है और ऐसे में करीब 50 से 100 मेगावाट उत्पादन पर असर दिखा है।

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