कुल्लू। प्रदेश के दुर्गम आउटर सराज क्षेत्र के लोगों को विकास की बड़ी सौगात मिलने वाली है। जलोड़ी जोत के नीचे से टनल बनाए जाने की मांग अब साकार होने की दिशा में अग्रसर है। केंद्र ने इस परियोजना के लिए 1452 करोड़ मंजूर कर दिए हैं और अब टनल की एलाइनमेंट को लेकर संयुक्त निरीक्षण भी किया जा चुका है। इससे एफसीए की प्रक्रिया को भी अब गति मिलेगी। उसके बाद यहां टनल का कार्य शुरू होगा।वर्तमान में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण जलोड़ी दर्रा पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे आनी, निरमंड और बंजार क्षेत्र के लोगों को शिमला या करसोग होकर लंबा सफर तय करना पड़ता है। अब टनल निर्माण से यह समस्या समाप्त हो जाएगी और लोगों को सालभर सुरक्षित और सीधा रास्ता मिलेगा।टनल का वर्ष 2019 में वायुसेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर की मदद से जियोलॉजिकल सर्वेक्षण करवाया था। इसमें टनल निर्माण के लिए उपयुक्त भू-गठन की पुष्टि हुई थी। अब फाइनल एलाइनमेंट और केंद्र से वित्तीय मंज़ूरी के बाद प्रोजेक्ट तेजी पकड़ रहा है।बंजार के एसडीएम पंकज शर्मा ने बताया कि सभी विभागों को पत्राचार कर निरीक्षण में शामिल किया गया, ताकि समय रहते सारी प्रक्रियाएं पूरी हों और एफसीए आवेदन के साथ अगली कार्रवाई शुरू की जा सके।टनल बनने से कुल्लू, मंडी, शिमला, लाहुल व किन्नौर के लोगों को फायदा होगगा। पर्यटन और आपातकालीन सेवाएं भी सालभर संचालित रह सकेंगी। इसके अलावा लोगों को समय और पैसों की भी बचत होगी।सुरंग की लंबाई 4.2 किलोमीटर, अप्रोच रोड आनी की तरफ 2.1 किलोमीटर, बंजार की तरफ 5.5 किलोमीटर होगी। वहीं यह डबल लेन होगी। इसके साथ ही इसमें बिजली, पानी, टेलिफोन लाइन की व्यवस्था भी रहेगी। कुल्लू से शिमला की दूरी 40 से 45 किलोमीटर कम होगी।गत 30 जुलाई को टनल एलाइनमेंट के फील्ड वेरिफिकेशन के लिए लोक निर्माण, वन विभाग, जल शक्ति, बिजली बोर्ड व एनएच विभाग के अधिकारियों के साथ निर्माणकर्ता कंपनी अल्टीनौक कंसल्टिंग इंजीनियरिंग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया है। यह निरीक्षण एफसीए मंज़ूरी की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है।













