शिमला | हिमाचल प्रदेश दृष्टिबाधित संघ के सदस्यों ने सोमवार को राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दाैरान दृष्टिबाधित छोटा शिमला पुलिस थाने के सामने सड़क पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक दृष्टिबाधित सड़क पर बैठे रहे। इस कारण कुछ देर ट्रैफिक पूरी तरह से बंद रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हल्का बल प्रयोग कर सड़क के एक किनारे कर वनवे ट्रैफिक शुरू करवाया। यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।संघ बीते लंबे समय से बैकलॉग की भर्तियों की मांग कर रहा है। इस दौरान पुलिस और दृष्टिबाधितों के बीच हल्की धक्कामुक्की भी हुई। बीते 27 मार्च को भी दृष्टिबाधितों ने चक्का जाम किया था। इस दौरान पुलिस और दृष्टिबाधितों के बीच धक्कामुक्की के दौरान एक दृष्टिबाधित मुख्य सड़क से नीचे पार्किंग की नाली में गिर गया था। इस व्यक्ति को चोटें आई हैं। पुलिस ने इसे आईजीएमसी में भर्ती करवाया था।दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है। साल 1995 के बाद से कोई भर्ती नहीं हुई है। विभिन्न विभागों में लंबित बैकलॉग कोटे के तहत भर्तियां होनी चाहिए। भर्तियां नहीं होने से दृष्टिबाधितों में सरकार के खिलाफ रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
535 दिन से हड़ताल पर, 11वां चक्काजाम, आश्वासन के सिवा कुछ नहीं
राजेश ठाकुर ने कहा कि वह पिछले 535 दिनों से हड़ताल पर हैं। यह उनका 11वां चक्का जाम है। सचिवालय के बाहर भी 12 दिनों से धरना चल रहा है। मगर सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और बार बार आश्वासन दिए जा रहे हैं।













