April 15, 2026 10:30 am

गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनेगा हिमाचल: ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू

शिमला।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां से प्रदेश के 70 शिक्षकों को सिंगापुर की शैक्षणिक यात्रा पर रवाना किया। इन शिक्षकों में प्रदेश के सभी श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सशक्त और नवाचारी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनमें शिक्षकों को वैश्विक अनुभव दिलवाने की पहल अग्रणी है। उन्होंने कहा कि भ्रमण से ज्ञानार्जन होता है और अनुभव बढ़ता है। शिक्षकों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश सरकार ने सिंगापुर की प्रतिष्ठित प्रिंसिपल्स अकादमी के साथ ऐतिहासिक करार किया है। इससे शिक्षकों के ज्ञान, कौशल और शिक्षण विधियों में अभूतपूर्व सुधार होगा। इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा और प्रदेश की शिक्षा प्रणाली अधिक समावेशी, प्रभावी और आधुनिक बनेगी।ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरन्तर सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश वर्ष 2032 तक देशभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाला देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो वर्षों में सरकार द्वारा आरम्भ की गई व्यवस्था परिवर्तन की प्रक्रिया के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। असर (एनुअल स्टेट्स ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट) द्वारा जनवरी, 2025 में जारी रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश के बच्चों का पढ़ने का स्तर पूरे देश में सबसे बेहतर आंका गया है। इस रिपोर्ट के अधिकांश मापदंडों में हिमाचल स्कूली शिक्षा में देशभर में श्रेष्ठ राज्य रहा है। राज्य स्तर पर किए गए सैंपल सर्वे में भी बच्चों के शिक्षण स्तर में बेहतरी देखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव लाने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम में सामान्य ज्ञान विषय आरम्भ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी शिक्षा नीति बनाई जाएगी, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में प्रशासनिक बदलाव की प्रक्रिया के साथ-साथ गुणात्मक शिक्षा के लिए भी अभिनव पहल और तबादला प्रक्रिया में सकारात्म्क बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सबसे योग्य शिक्षक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के दाखिले में कमी क्यों आ रही है, इसका अध्ययन किया जाएगा।उन्होंने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सहित शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की नवोन्मेषी पहल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षकों की शैक्षणिक यात्रा प्रेरणा स्रोत बनेगी और वह लौटकर अपने अनुभव विद्यार्थियों से साझा करेंगे।मुख्यमंत्री ने सिंगापुर की शैक्षणिक यात्रा पर जा रहे शिक्षकों को शैक्षणिक किट भी भंेट की। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि अब तक प्रदेश सरकार द्वारा 267 शिक्षकों को सिंगापुर भेजा जा चुका है और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। यह कोई साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि हिमाचल सरकार की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा देने की ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण देने से शिक्षा प्रणाली में मौलिक बदलाव आएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी विदेश में शैक्षणिक दौरे पर भेजा जा रहा है ताकि वे अपने ज्ञान का विस्तार कर सकें। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि दो वर्षों में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावशाली और दूरदर्शी निर्णय लिए हैं। कलस्टर स्कूल प्रणाली की स्थापना से संसाधनों का सामूहिक उपयोग संभव हुआ है। उन्होंने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें हिमाचल को शैक्षणिक रूप से सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में सहभागी बनने का आग्रह किया। सचिव शिक्षा राकेश कंवर ने मुख्यमंत्री व गणमान्यों का स्वागत करते हुए शिक्षकों की शैक्षणिक यात्रा व विभाग की महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केन्द्र में शिक्षक की भूमिका सबसे अहम है। राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा राजेश शर्मा ने आभार प्रस्ताव प्रस्तुत किया और समग्र शिक्षा के तहत किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी।इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, अतिरिक्त निदेशक बीआर शर्मा, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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