शिमला हिमाचल में BPL परिवारों का नए सिरे से चयन हो रहा है. इसके लिए इन दिनों पंचायतों में आवेदन देने की प्रकिया जारी है. प्रदेश भर में इच्छुक परिवार BPL सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए जरूरी घोषणा-पत्र के साथ संबंधित ग्राम पंचायत में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं. ये प्रक्रिया 30 अप्रैल तक जारी रहेगी. इस बीच सरकार ने पुरानी BPL सूची में शामिल 2,66,304 परिवारों के लिए एक राहत भरा निर्णय लिया है।प्रदेश में जब तक BPL परिवारों की नई सूची पर ग्रामसभा की मुहर नहीं लग जाती है और सूची में शामिल पुराने परिवारों का नाम नहीं काटा जाएगा. ऐसे लाखों परिवारों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा. वहीं, संबंधित ब्लॉक के BDO को पुराने सूची में पहले से शामिल परिवारों को BPL का सर्टिफिकेट भी जारी करना होगा. इसको लेकर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की और से सभी BDO को जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. ऐसे में अब वर्तमान में BPL की सूची में शामिल परिवार अगले कुछ महीनों तक सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे. इससे पहले सरकार ने BPL की पुरानी सूची को रद्द करने के आदेश जारी किए थे, जिसमें अब बदलाव किया गया है।
पुराने परिवारों को नहीं करना होगा आवेदन।
प्रदेश में नए मापदंडों के मुताबिक नए BPL परिवारों के चयन के लिए आवेदन प्रकिया चल रही है, लेकिन वर्तमान में BPL सूची में शामिल परिवारों को नए सिरे से आवेदन करने को छूट दी गई है. वहीं हिमाचल में अब प्रधानों की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली ग्राम सभा में बीपीएल परिवारों का सीधा चयन नहीं होगा। प्रदेश में BPL परिवारों के चयन को लेकर आयोजित होने वाली ग्राम सभा की बैठकों ने लिए SDM की ओर से तीन सदस्यीय वेरिफिकेशन कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है. ऐसे में अब ये कमेटी आवेदनों की जांच और साथ लगे स्पोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स की वेरिफिकेशन करेगी।इसी के साथ ये तीन सदस्यीय कमेटी पुरानी सूची की भी जांच करेगी. इस दौरान अगर पुराने परिवार BPL के चयन के लिए तय किए गए मापदंडों पर खरा नहीं उतरते हैं तो तीन सदस्यीय वेरिफिकेशन कमेटी ऐसे परिवारों का नाम सूची काट सकती है, जिसके बाद पुराने परिवारों को BPL का सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा. इस तरह से ये परिवार सरकारी सुविधाओं का लाभ भी नहीं उठा सकेंगे. वहीं, वेरिफिकेशन कमेटी की ओर से तैयार की गई सूचियों को 15 जून तक सार्वजनिक जांच के लिए ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित किया जाएगा, जिसके बाद जुलाई माह में होने वाली ग्राम सभा की बैठक में वेरिफिकेशन कमेटी की ओर से तैयार की गई सूची को चर्चा के लिए रखा जाएगा।
ये परिवार होंगे सूची से बाहर।
हिमाचल प्रदेश में ऐसे परिवार जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान है, उन्हें सूची से बाहर किया जाएगा।ऐसे परिवार जिनका कोई भी सदस्य आयकर देता हो और उनका नाम भी पुरानी BPL सूची से काट दिया जाएगा।ऐसे परिवार जिनकी समस्त स्रोतों से अर्जित वार्षिक आय 50 हजार रुपये से ज्यादा है, ये पुराने परिवार भी अब सूची से बाहर किए जाएंगे।ऐसे परिवार जिनके पास एक-एक हेक्टेयर से ज्यादा भूमि हो. ऐसे परिवारों के नाम को भी तीन सदस्यीय वेरिफिकेशन कमेटी सूची से काट देगी।ऐसे परिवार जिनका कोई भी सदस्य सरकारी/अर्ध सरकारी या निजी नौकरी में है, BPL सूची में शामिल होने के लिए अपात्र होंगे.
अलग परिवार के आवेदन करने वाले नहीं होंगे कंसीडर।
प्रदेश सरकार ने इस बार बीपीएल सूची में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस बार एक और बड़ा निर्णय लिया है. प्रदेश में अगर पहले से ही BPL सूची में शामिल परिवार से कोई भी सदस्य अलग परिवार के लिए संबंधित पंचायत में आवेदन करता है तो ऐसी स्थिति में अलग हुए नए परिवार को 3 साल तक BPL सूची में शामिल करने के लिए कंसीडर नहीं किया जाएगा. हालांकि, विधवा, परित्यक्त, एकल नारी और तलाकशुदा महिलाओं पर ये निर्णय लागू नहीं होगा. बता दें कि प्रदेश में गरीब परिवारों को सरकार डिपुओं के जरिए सस्ते राशन, अस्पतालों में फ्री इलाज, नौकरी में प्राथमिकता, बिजली का फ्री मीटर लगाने, मकान निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने सहित कई तरह सुविधाएं दे रही है।
ग्राम सभा की सिफारिशें होंगी स्वीकार्य।
BPL परिवारों की सूची में इंक्लूजन के निर्णय ग्राम सभा में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत द्वारा लिया जाएगा. ग्रामसभा की संस्तुति के बाद SDM की अध्यक्षता में खंड स्तरीय कमेटी, जिसमें BDO, पंचायत इंस्पेक्टर/सब पंचायत इंस्पेक्टर ग्राम सभा द्वारा की गई संस्तुति के 15 दिनों के भीतर दस्तावेजों की उचित जांच, सत्यापन समिति की रिपोर्ट और ऐसी अन्य स्थानीय जांच करने या ऐसे अन्य साक्ष्य लेने के बाद इंक्लूजन और एक्सक्लूशन को मंजूरी देंगे. खंड स्तरीय समिति अपनी जांच का लिखित रिकॉर्ड बनाकर रखेगी. वहीं, खंड स्तरीय समिति के पास लिखित रूप में सिफारिशों के खिलाफ साक्ष्य दर्ज नहीं होने तक BPL सूची में इंक्लूजन और एक्सक्लूजन को लेकर ग्राम सभा की सिफारिशें स्वीकार्य होंगी।
केंद्र से कितना कोटा निर्धारित
केंद्र ने हिमाचल के लिए BPL परिवारों की संख्या का कोटा पहले से ही तय किया है, जिसके तहत प्रदेश में 2,82,370 परिवारों को ही बीपीएल सूची में शामिल किया जा सकता है. इसी के आधार पर पंचायतों के लिए भी BPL को कोटा फिक्स किया गया है. ऐसे में पंचायतों को निर्धारित कोटे के तहत ही BPL परिवारों का चयन करना होगा. वहीं, वर्तमान में अभी 2 लाख 66 हजार 304 परिवार गरीबी रेखा से नीचे हैं. ऐसे में केंद्र के कोटे के मुताबिक अभी 16,066 नए परिवारों को भी अभी BPL सूची में और जोड़ा जा सकता है. बता दें कि केंद्र से निर्धारित कोटे की उपलब्धता के हिसाब से ही अन्य नए परिवारों को भी सूची में शामिल किया जाना है।













