April 17, 2026 12:40 am

प्रदेश कांग्रेस सरकार बोल रही झूठ, हिमाचल में चल रहे सड़क निर्माण के 73000 करोड़ के काम : टम्टा

शिमला, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रही है। हिमाचल प्रदेश में सड़के लाइफलाइन का काम करती है और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 73000 करोड़ के सड़क निर्माण के काम चल रहे है। उन्होंने कहा कि अगर काम रुके हुए हैं तो केवल वर्तमान प्रदेश सरकार के कारण, क्योंकि किसी भी प्रकार की सरकारी क्लीयरेंस यह सरकार दे नहीं रही है, जिसके कारण हमारे करोड़ों रुपए के काम अटके पड़े है। अगर प्रदेश सरकार अच्छे से काम करेगी तो हिमाचल प्रदेश में तेज गति से विकास होगा, केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश (क्षेत्रीय कार्यालय शिमला, सड़क परिवहन और राजमार्ग) के साथ राष्ट्रीय राजमार्गों का संक्षिप्त विवरण कुछ इस प्रकार है। हिमाचल प्रदेश राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) की कुल लंबाई 2592 किमी है, जिसमें से 1231 किमी पीडब्ल्यूडी/सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पीआईयू को, 792 किमी एनएचएआई को और 569 किमी सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपी गई है। वर्तमान में, क्षेत्रीय कार्यालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय शिमला के अधीन 18 परिगोजनार चल रही हैं। उन्होंने कहा कि सीआरआईएफ कीस्थिति (सड़क और सेतु बंधन) अब तक (22.04.2025), हिमाचल प्रदेश राज्य में सीआरआईएफ परियोजनाओं (सड़क) की कुल स्वीकृत राशि 2287.66 करोड़ है, जिसमें से प्राप उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) के आधार पर 1329.48 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं। वर्तमान बीओएस (बैंक ऑफ सेंक्शन) अनुपात 8.66 है। सेतु बंधन के अंतर्गत सीआरआईएफ कार्यों के लिए कुल स्वीकृत राशि 154.25 करोड़ रुपये है, जिसपें से 7.04 करोड़ रुपये प्राप्त यूसी के आधार पर जारी किए गए हैं। वर्तमान बीओएस (बैंक ऑफ सेक्शन) अनुपात 7.25 है।उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण हिमाचल प्रदेश राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों को कुल लगभग 43,000 करोड़ रुपए की पूंजी लागत से क्रियान्वित कर रहा है, जिसमें लगभग 768 किलोमीटर राजमार्गों एवं 68 सुरंगों का निर्माण शामिल है जिसमें परवाणू ढली की कुल पूंजी लगत 7913 करोड़, पिंजौर बद्दी नालागढ़ 1692 करोड़, किरतपुर मनाली 13784 करोड़,पठानकोट मंडी 10067 करोड़ और शिमला मटौर 10512 करोड़ है।

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