शिमला। प्राइमरी स्कूलों में 4500 शिक्षकों के पद खाली है, केवल 1700 पद भरने का प्रस्ताव आयोग को भेजा गया है, अन्य पदों पर कोई निर्णय नहीं लिया है। यह बात रविवार को प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिमला में कही। संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा का कहना है कि पिछली बार जो स्कूल मर्ज हुए थे, वहां के बच्चों के लिए यातायात की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। संघ ने कहा कि स्कूलों में दो शिक्षक तैनात है, वहां से एक शिक्षक को बदल दिया जाता है। जब एक ही शिक्षक होता है तो अभिभावक चिंता में पड़ जाते हैं कि बच्चों को वहां भेजे या न भेजे।ऐसे में जब बच्चों के दाखिले कम होते हैं तो स्कूलों को बंद या मर्ज किया जाता है। प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से कई बार बात की, लेकिन मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि स्कूलों में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार बच्चों की पढ़ाई के बारे में सोचे। सरकार ने अगर वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। बता दें कि प्राथमिक शिक्षक पिछले नौ दिनों से हड़ताल पर बैठे हुए हैं।













